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विश्वविद्यालयों का हाल: देशभर में 4.5 करोड़ छात्र, हॉस्टल सीटों का केंद्रीय डाटा नहीं; कितनों को मिलती है जगह?

Thu, 10 Sep 2026 04:23 AM IST
निर्मल कांत सीमा शर्मा, नई दिल्ली।
सीमा शर्मा, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 10 Sep 2026 04:23 AM IST
सार
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देशभर में 4.5 करोड़ छात्र उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं, लेकिन हॉस्टल की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। कई बड़े विश्वविद्यालयों में आधे से ज्यादा छात्रों को कैंपस से बाहर रहना पड़ रहा है। आखिर देश में छात्रों के लिए हॉस्टल की इतनी कमी क्यों है? पढ़िए रिपोर्ट

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university hostel crisis 4.5 crore students no central data hostel seats
दिल्ली में एमसीडी की कार्रवाई के बीच पीजी छोड़ते छात्र - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/पीटीआई

विस्तार

देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में 4.50 करोड़ छात्र पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन इन छात्रों के लिए हॉस्टल सीटों का कोई केंद्रीय डाटा उपलब्ध नहीं है। सत्य निकेतन पीजी हादसे के बाद छिड़ी देशव्यापी बहस के बाद अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि देश के 1,278 विश्वविद्यालयों में से सिर्फ 1,069 में ही हॉस्टल की सुविधा है। इनमें भी सभी छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल पाता। उच्च शिक्षण संस्थानों में कितने छात्रों को हॉस्टल मिल पाता है और कितने बाहर रहने के लिए मजबूर हैं, इसका डाटा किसी के पास नहीं है।
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केंद्र की 2023-24 उच्च शिक्षण संस्थानों की रिपोर्ट के मुताबिक, 56 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में करीब पौने 10 लाख सीटों पर महज सवा लाख हॉस्टल सीट उपलब्ध थीं। हालांकि एक अनुमान के मुताबिक सभी विश्वविद्यालयों को मिलाकर 4.5 करोड़ छात्रों में सिर्फ 4 से 5 फीसदी को ही हॉस्टल मिल पाता है।
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डीयू में हर 36 छात्र में सिर्फ एक के लिए हॉस्टल है। डीयू में 2,51,474 नियमित छात्र हैं। इसमें से 2,10,907 यूजी, 34,520 पीजी तो 6,047 छात्र सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और अन्य श्रेणियों में हैं। डीयू के 20 हॉस्टल में सिर्फ 6,957 सीटें ही हैं। यानी महज 2.77% छात्रों को हॉस्टल मिल पाता है।   
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जामिया : हालात बुरे 
दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 20 से 22 हजार छात्र हैं और हॉस्टल में फिलहाल चार हजार छात्रों के रहने की व्यवस्था है। आधे से अधिक छात्र कैंपस से बाहर रहते हैं। जिसमें पीजी की संख्या अधिक हैं। हालांकि, कई छात्र घरों से भी आते हैं।

एएमयू : आधे छात्र कैंपस से बाहर 
डेढ़ सौ साल पुराने ऐतिहासिक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी यही हाल है। यहां तीन कैंपस में करीब 39 हजार छात्र पढ़ते हैं। 18 हजार के लिए हॉस्टल उपलब्ध है।

जेएनयू : स्थानीय को छोड़ अन्य सभी को हॉस्टल 
सबसे बेहतर स्थिति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की है। यहां 8,800 छात्र पढ़ते हैं। दिल्ली के स्थानीय छात्रों को छोड़कर अन्य सभी छात्रों को हॉस्टल सुविधा मिल जाती है।

आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर भेजा
दिल्ली की कोर्ट ने हॉस्टल डेज पीजी गिरने के मामले में बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश, पीजी संचालक सुधांशु और लेबर ठेकेदार सनोज को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। सुधांशु बुधवार को ही गिरफ्तार हुआ। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कौतुक भारद्वाज ने आरोपियों के अनुरोध पर बंद कमरे में कार्यवाही की। आरोपियों का कहना था कि उनका मीडिया ट्रायल हो रहा है।


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बीएचयू : आधे से अधिक विद्यार्थी बाहर रहते हैं
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) कैंपस में करीब 35,000 छात्र हैं और 72 हॉस्टल में 16,566 सीट हैं। अन्य छात्र बाहर रहते हैं।

एचएनबीजीयू: बेटियों को प्राथमिकता
हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड के चारकैंपस पौढ़ी, टिहरी, श्रीनगर और चौरास कैंपस में करीब 14 हजार विद्यार्थी हैं। इनमें से 1,530 हॉस्टल में रहते हैं। बेटियों को प्राथमिकता दी जाती है।
 
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