Electricity Crisis: कहीं फुके ट्रांसफॉर्मर तो कई जिलों में गुल रही बिजली; भीषण गर्मी से ओडिशा में जनजीवन बेहाल
ओडिशा में भीषण गर्मी के कारण बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ गया है। कई जिलों में ट्रांसफॉर्मर जलने और ओवरलोडिंग के चलते पावर आउटेज बढ़ गए हैं। राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड 6739 मेगावाट तक पहुंच गई है। सरकार ने बिजली कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और हड़ताल पर रोक लगा दी है। मौसम विभाग ने 28 मई तक हीटवेव जारी रहने का अनुमान जताया है।
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विस्तार
ओडिशा में भीषण गर्मी अब बिजली व्यवस्था पर भारी पड़ने लगी है। राज्य के कई जिलों से लगातार बिजली कटौती और पावर आउटेज की शिकायतें सामने आ रही हैं। राज्य सरकार ने माना है कि तेज गर्मी और बिजली की रिकॉर्ड मांग के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कई जगह ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं और बिजली उपकरण ओवरलोड हो रहे हैं। हालात को देखते हुए सरकार और बिजली कंपनियां लगातार आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। मौसम विभाग ने भी 28 मई तक राज्य में हीटवेव जारी रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
क्या भीषण गर्मी ने ओडिशा की बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है?
राज्य के उपमुख्यमंत्री केवी सिंह ने कहा कि तेज गर्मी के कारण ट्रांसफॉर्मर तेजी से फुंक रहे हैं और बिजली सिस्टम पर जरूरत से ज्यादा लोड पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार हर आउटेज के बाद जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि राज्य में आधिकारिक रूप से बिजली कटौती नहीं की जा रही है, बल्कि तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण घरों, दुकानों और उद्योगों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से बिजली नेटवर्क पर दबाव कई गुना बढ़ गया है।
शहर |
अधिकतम तापमान |
|---|---|
झारसुगुड़ा |
45.2 डिग्री सेल्सियस |
संबलपुर |
45 डिग्री सेल्सियस |
हीराकुंड |
45 डिग्री सेल्सियस |
तितलागढ़ |
45 डिग्री सेल्सियस |
बौध |
45 डिग्री सेल्सियस |
किन इलाकों में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी ओडिशा के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच गया। औद्योगिक शहर झारसुगुड़ा में सबसे ज्यादा 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा संबलपुर, हीराकुंड, तितलागढ़ और बौध में भी तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कई दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। इसी कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और पावर सप्लाई सिस्टम पर असर दिखाई दे रहा है।
बिजली संकट से निपटने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
स्थिति को देखते हुए ओपीटीसीएल ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने से भी रोक दिया गया है। राज्य सरकार ने बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सेवाओं में हड़ताल पर छह महीने के लिए रोक लगा दी है। इसके लिए ओडिशा एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट 1988 लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली व्यवस्था को हर हाल में चालू रखना जरूरी है। इसी वजह से सख्त कदम उठाए गए हैं।
बिजली कंपनियां हालात संभालने के लिए क्या कर रही हैं?
टाटा पावर के नेतृत्व वाली ओडिशा डिस्कॉम कंपनियों ने बताया कि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 6,739 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले साल से करीब 300 मेगावाट ज्यादा है। सिर्फ भुवनेश्वर में पिछले एक सप्ताह में बिजली मांग 17 प्रतिशत बढ़ गई। कंपनियों ने पूरे राज्य में 26 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को फील्ड में तैनात किया है। इसके अलावा 5 हजार डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर और 60 हजार से ज्यादा बिजली पोल तैयार रखे गए हैं ताकि खराबी आने पर तुरंत मरम्मत की जा सके। उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए 24 घंटे नेटवर्क मॉनिटरिंग सिस्टम और 200 सीट वाला कस्टमर केयर सेंटर भी शुरू किया गया है।