{"_id":"68fcc6906eee559b4c086bdc","slug":"more-rains-predicted-as-depression-likely-to-intensify-move-towards-andhra-coast-rain-alert-for-jharkhand-2025-10-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IMD: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान की चेतावनी, तमिलनाडु और बंगाल-ओडिशा भी होंगे प्रभावित; झारखंड में अलर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
IMD: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान की चेतावनी, तमिलनाडु और बंगाल-ओडिशा भी होंगे प्रभावित; झारखंड में अलर्ट
Sat, 25 Oct 2025 06:16 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 25 Oct 2025 06:16 PM IST
IMD Alert: मौसम विभाग ने अक्तूबर के आखिरी महीने के लिए कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान की संभावना है। वहीं तमिलनाडु, बंगाल और ओडिशा भी इससे अछूते नहीं रहेंगे। इधर, झारखंड में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया। पढ़ें
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
Please wait...
विस्तार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कुछ राज्यों में बारिश और मौसम बदलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तेज होकर गहरे दबाव, फिर चक्रवात और आखिर में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार यह तूफान 28 अक्तूबर की शाम या रात को माचिलीपट्टनम और कलिंगापट्टनम के बीच काकिनाडा के पास आंध्र प्रदेश तट को पार कर सकता है।
यह भी पढ़ें - Andhra Bus Fire: 234 स्मार्टफोन्स, 46 लाख का पार्सल...कुरनूल में बस में आग भड़कने की चौंकाने वाली वजह सामने आई
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार, यह दबाव क्षेत्र लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है, 26 अक्तूबर तक एक गहरे दबाव क्षेत्र में तब्दील हो सकता है और 27 अक्तूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। बाद में, 28 अक्तूबर की सुबह तक इसके एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Andhra Bus Fire: 234 स्मार्टफोन्स, 46 लाख का पार्सल...कुरनूल में बस में आग भड़कने की चौंकाने वाली वजह सामने आई
विज्ञापन
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार, यह दबाव क्षेत्र लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है, 26 अक्तूबर तक एक गहरे दबाव क्षेत्र में तब्दील हो सकता है और 27 अक्तूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। बाद में, 28 अक्तूबर की सुबह तक इसके एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
विज्ञापन
तूफानी हवाओं के साथ गरज चमक की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान तेज हवा की गति 90-100 किमी/घंटा, झोंकों के साथ 110 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इसके कारण तिरुवल्लूर, चेन्नई, रणिपेट, कांचीपुरम, चेंगलपट्टु और विलुपुरम जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली कड़कने और गरज चमक की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की चेतावनी दी गई है।
अगले 24 घंटों के दौरान बारिश और बिजली गिरने की संभावना
चेन्नई और आसपास के इलाकों में मौसम बादल वाला रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश की एक-दो बार संभावना है। ऊटी (तिरुनेलवेली) में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 14 सेमी बारिश दर्ज की गई, जबकि तिरुपुवणम (शिवगंगा) में सबसे कम 1 सेमी बारिश हुई। अगले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान तेज हवा की गति 90-100 किमी/घंटा, झोंकों के साथ 110 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इसके कारण तिरुवल्लूर, चेन्नई, रणिपेट, कांचीपुरम, चेंगलपट्टु और विलुपुरम जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली कड़कने और गरज चमक की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की चेतावनी दी गई है।
अगले 24 घंटों के दौरान बारिश और बिजली गिरने की संभावना
चेन्नई और आसपास के इलाकों में मौसम बादल वाला रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश की एक-दो बार संभावना है। ऊटी (तिरुनेलवेली) में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 14 सेमी बारिश दर्ज की गई, जबकि तिरुपुवणम (शिवगंगा) में सबसे कम 1 सेमी बारिश हुई। अगले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
मछुआरों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा कि निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण, तमिलनाडु तट, दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे और फिर 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने की संभावना है। इस बीच, तटरक्षक बल ने कहा कि उसने समुद्र में मौजूद नाविकों और मछुआरों से व्यापक संपर्क स्थापित किया है और मछुआरों से निकटतम बंदरगाह पर लौटने की अपील की है। तटरक्षक बल ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल के जहाज और विमान समुद्र में और तटों पर स्थित उसके रडार स्टेशन समुद्र में मछुआरों को सावधानी बरतने के लिए सचेत कर रहे हैं और मछली पकड़ने वाले जहाजों से जल्द से जल्द सुरक्षा के लिए निकटतम बंदरगाह पर लौटने का अनुरोध कर रहे हैं। बुलेटिन में मछुआरों को दी गई चेतावनी में कहा गया है कि मछुआरों को 25 से 29 अक्तूबर, 2025 के बीच समुद्र में जाने की सलाह नहीं दी जाती है। बुलेटिन में कहा गया है कि जो मछुआरे गहरे समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत लौटने की सलाह दी जाती है।
बंगाल में महीने आखिरी में बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वी मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, बंगाल के कई दक्षिणी जिलों में 27 अक्तूबर से हल्की बारिश होने की संभावना है। जिसमें 27 अक्तूबर को दक्षिण 24 परगना, झारग्राम, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं 28 अक्तूबर को दक्षिण 24 परगना और पूर्व मिदनापुर में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश, कुछ जगह भारी बारिश (7-11 सेमी) की संभावना है। जबकि 29 अक्तूबर को कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ और साउथ 24 परगना समेत कई जिलों में गरज और तूफानी हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। 30 अक्तूबर को बीरभूम, मुर्शिदाबाद और पश्चिम बर्द्धमान में भारी बारिश की संभावना है। उधर, 31 अक्तूबर को सभी दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगह गरज के साथ तूफानी हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल के ऊपर बनने वाला यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी में मौजूद निम्न दबाव वाले क्षेत्र से विकसित हुआ है और यह धीरे-धीरे पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ रहा है।
मौसम विभाग ने कहा कि निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण, तमिलनाडु तट, दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे और फिर 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने की संभावना है। इस बीच, तटरक्षक बल ने कहा कि उसने समुद्र में मौजूद नाविकों और मछुआरों से व्यापक संपर्क स्थापित किया है और मछुआरों से निकटतम बंदरगाह पर लौटने की अपील की है। तटरक्षक बल ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल के जहाज और विमान समुद्र में और तटों पर स्थित उसके रडार स्टेशन समुद्र में मछुआरों को सावधानी बरतने के लिए सचेत कर रहे हैं और मछली पकड़ने वाले जहाजों से जल्द से जल्द सुरक्षा के लिए निकटतम बंदरगाह पर लौटने का अनुरोध कर रहे हैं। बुलेटिन में मछुआरों को दी गई चेतावनी में कहा गया है कि मछुआरों को 25 से 29 अक्तूबर, 2025 के बीच समुद्र में जाने की सलाह नहीं दी जाती है। बुलेटिन में कहा गया है कि जो मछुआरे गहरे समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत लौटने की सलाह दी जाती है।
बंगाल में महीने आखिरी में बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वी मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, बंगाल के कई दक्षिणी जिलों में 27 अक्तूबर से हल्की बारिश होने की संभावना है। जिसमें 27 अक्तूबर को दक्षिण 24 परगना, झारग्राम, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं 28 अक्तूबर को दक्षिण 24 परगना और पूर्व मिदनापुर में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश, कुछ जगह भारी बारिश (7-11 सेमी) की संभावना है। जबकि 29 अक्तूबर को कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ और साउथ 24 परगना समेत कई जिलों में गरज और तूफानी हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। 30 अक्तूबर को बीरभूम, मुर्शिदाबाद और पश्चिम बर्द्धमान में भारी बारिश की संभावना है। उधर, 31 अक्तूबर को सभी दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगह गरज के साथ तूफानी हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल के ऊपर बनने वाला यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी में मौजूद निम्न दबाव वाले क्षेत्र से विकसित हुआ है और यह धीरे-धीरे पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ रहा है।
ओडिशा में तूफान की तैयारी
ओडिशा सरकार ने आंध्र प्रदेश तट के पास एक गंभीर चक्रवाती तूफान (एससीएस) के 28 अक्तूबर को पहुंचने की संभावना को देखते हुए आपात स्थिति की तैयारी शुरू कर दी है। आईएमडी के अनुसार, यह दबाव 26 अक्तूबर तक गहरे दबाव में बदल जाएगा और 27 अक्तूबर तक चक्रवाती तूफान बन जाएगा। 28 अक्तूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के मचिलिपट्टनम और कलींगापट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है, जिसकी अधिकतम गति 110 किमी/घंटा हो सकती है। ओडिशा के कुछ तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
राज्य के जिन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, इसमें गंजाम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट और मल्कानगिरी में 20 सेमी से अधिक बारिश की संभावना है। वहीं पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इसके तहत 12-20 सेमी बारिश की संभावना है। वहीं नौ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जहां 7-11 सेमी बारिश की संभावना है।
ओडिशा सरकार ने आंध्र प्रदेश तट के पास एक गंभीर चक्रवाती तूफान (एससीएस) के 28 अक्तूबर को पहुंचने की संभावना को देखते हुए आपात स्थिति की तैयारी शुरू कर दी है। आईएमडी के अनुसार, यह दबाव 26 अक्तूबर तक गहरे दबाव में बदल जाएगा और 27 अक्तूबर तक चक्रवाती तूफान बन जाएगा। 28 अक्तूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के मचिलिपट्टनम और कलींगापट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है, जिसकी अधिकतम गति 110 किमी/घंटा हो सकती है। ओडिशा के कुछ तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
राज्य के जिन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, इसमें गंजाम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट और मल्कानगिरी में 20 सेमी से अधिक बारिश की संभावना है। वहीं पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इसके तहत 12-20 सेमी बारिश की संभावना है। वहीं नौ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जहां 7-11 सेमी बारिश की संभावना है।
समुद्र में स्थिति, सरकार की तैयारी
26 अक्तूबर शाम से 27 अक्तूबर शाम तक समुद्र के हालात खराब होंगे। 26-29 अक्तूबर के दौरान मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी। आपदा राहत टीमें (एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ, फायर सर्विस) तैयार हैं। वहीं 15 तटीय और दक्षिणी जिलों में राहत सामग्री, दवाइयां और आवश्यक सामग्री तैयार रखी गई है। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। सार्वजनिक क्षेत्रों में आवाज के माध्यम से मछुआरों और लोगों को चेतावनी दी जा रही है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, 'हमने पहले के अनुभवों के आधार पर सभी तैयारियां कर ली हैं। प्राथमिकता मानव और जानवरों की सुरक्षा को दी जाएगी।'
तेलंगाना में अगले दो दिनों में बारिश होने की उम्मीद
तेलंगाना में भी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दबाव के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के बाद मौसम में आए बदलाव पर आईएमडी के वैज्ञानिक धर्म राजू ने कहा, 'बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र दबाव में तब्दील हो गया है और 27-28 अक्तूबर तक इसके चक्रवाती तूफान में और मजबूत होने की उम्मीद है। इसका मछलीपट्टनम, कलिंगपट्टनम और काकीनाडा समेत आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर असर पड़ने की संभावना है... पूरे पूर्वी तट पर रहने वाले लोगों, खासकर मछुआरों को भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पानी से बाहर रहने की चेतावनी दी गई है... तेलंगाना में अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, 27-29 अक्तूबर तक दक्षिणी और पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है... तटीय क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें - Maharashtra: एक-दो बार नहीं मतदाता सूची में छह बार मिला महिला का नाम, निकाय चुनाव से पहले प्रशासन में हड़कंप
झारखंड में महीने के आखिरी में बारिश
मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्तूबर के लिए झारखंड में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रभावित जिलों में- सिमडेगा, सेराइकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, जमताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और सिंहभूम शामिल हैं। 28 अक्तूबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 29 और 30 अक्तूबर को राज्यभर में भारी बारिश होने की संभावना है।
26 अक्तूबर शाम से 27 अक्तूबर शाम तक समुद्र के हालात खराब होंगे। 26-29 अक्तूबर के दौरान मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी। आपदा राहत टीमें (एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ, फायर सर्विस) तैयार हैं। वहीं 15 तटीय और दक्षिणी जिलों में राहत सामग्री, दवाइयां और आवश्यक सामग्री तैयार रखी गई है। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। सार्वजनिक क्षेत्रों में आवाज के माध्यम से मछुआरों और लोगों को चेतावनी दी जा रही है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, 'हमने पहले के अनुभवों के आधार पर सभी तैयारियां कर ली हैं। प्राथमिकता मानव और जानवरों की सुरक्षा को दी जाएगी।'
तेलंगाना में अगले दो दिनों में बारिश होने की उम्मीद
तेलंगाना में भी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दबाव के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के बाद मौसम में आए बदलाव पर आईएमडी के वैज्ञानिक धर्म राजू ने कहा, 'बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र दबाव में तब्दील हो गया है और 27-28 अक्तूबर तक इसके चक्रवाती तूफान में और मजबूत होने की उम्मीद है। इसका मछलीपट्टनम, कलिंगपट्टनम और काकीनाडा समेत आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर असर पड़ने की संभावना है... पूरे पूर्वी तट पर रहने वाले लोगों, खासकर मछुआरों को भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पानी से बाहर रहने की चेतावनी दी गई है... तेलंगाना में अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, 27-29 अक्तूबर तक दक्षिणी और पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है... तटीय क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
#WATCH | Hyderabad, Telangana: On change in weather after depression over Bay of Bengal intensifies into cyclonic storm, IMD Scientist Dharma Raju says, "... A low-pressure brewing in the Bay of Bengal has intensified into a depression and is expected to further strengthen into a… pic.twitter.com/6lI32MWINH
— ANI (@ANI) October 25, 2025
यह भी पढ़ें - Maharashtra: एक-दो बार नहीं मतदाता सूची में छह बार मिला महिला का नाम, निकाय चुनाव से पहले प्रशासन में हड़कंप
झारखंड में महीने के आखिरी में बारिश
मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्तूबर के लिए झारखंड में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रभावित जिलों में- सिमडेगा, सेराइकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, जमताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और सिंहभूम शामिल हैं। 28 अक्तूबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि 29 और 30 अक्तूबर को राज्यभर में भारी बारिश होने की संभावना है।
केरल में लगातार बारिश, जल स्तर बढ़ने के चलते बांधों के गेट खोले
केरल के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश जारी रही, जिससे पलक्कड़, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के बांधों में जलस्तर बढ़ गया। तिरुवनंतपुरम के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण छोटे-मोटे मडस्लाइड हुए। इससे कुछ घरों को नुकसान पहुंचा। पलक्कड़ के वालायार, मलंपुझा, मूला थारा और चुलियार बांधों में जलस्तर अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच गया, जिससे अधिकारियों ने बांध के शटर कुछ सेंटीमीटर खोलने का निर्णय लिया। इडुक्की के पोनमुडी और माडुपेट्टी बांधों में जलस्तर 'रेड अलर्ट' पर पहुंच गया, जबकि त्रिशूर के शोलायर बांध में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया। इस बीच, तमिलनाडु जल संसाधन विभाग ने बताया कि पेरियार बांध से अतिरिक्त जल छोड़ने की योजना बनाई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
केरल के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश जारी रही, जिससे पलक्कड़, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के बांधों में जलस्तर बढ़ गया। तिरुवनंतपुरम के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण छोटे-मोटे मडस्लाइड हुए। इससे कुछ घरों को नुकसान पहुंचा। पलक्कड़ के वालायार, मलंपुझा, मूला थारा और चुलियार बांधों में जलस्तर अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच गया, जिससे अधिकारियों ने बांध के शटर कुछ सेंटीमीटर खोलने का निर्णय लिया। इडुक्की के पोनमुडी और माडुपेट्टी बांधों में जलस्तर 'रेड अलर्ट' पर पहुंच गया, जबकि त्रिशूर के शोलायर बांध में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया। इस बीच, तमिलनाडु जल संसाधन विभाग ने बताया कि पेरियार बांध से अतिरिक्त जल छोड़ने की योजना बनाई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।