{"_id":"6a881adbb88fffaee2067ab0","slug":"meghalaya-violence-shillong-petrol-bomb-arson-assam-border-tension-no-injuries-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meghalaya: मेघालय में आगजनी और पेट्रोल बम हमलों की नई घटनाएं, कोई घायल नहीं; उपद्रवियों ने फूंके कई वाहन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Meghalaya: मेघालय में आगजनी और पेट्रोल बम हमलों की नई घटनाएं, कोई घायल नहीं; उपद्रवियों ने फूंके कई वाहन
Fri, 21 Aug 2026 03:01 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, शिलॉन्ग
पीटीआई, शिलॉन्ग
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 21 Aug 2026 03:01 PM IST
मेघालय में शिलॉन्ग की हिंसा के बाद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। पिछले 24 घंटे में सरकारी प्रतिष्ठानों और वाहनों को निशाना बनाकर कई घटनाएं हुईं। शिलॉन्ग में पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया, जबकि री-भोई में सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को जला दिया गया। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स में भी सरकारी कार्यालय को निशाना बनाया गया।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेघालय में पिछले 24 घंटे के दौरान सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाकर आगजनी और पेट्रोल बम हमले की नई घटनाएं सामने आई हैं। दो दिन पहले शिलॉन्ग में छात्रों की बाइक रैली के दौरान शुरू हुई हिंसा अब राज्य के दूसरे हिस्सों तक फैल गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, शिलॉन्ग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया। वहीं, री-भोई में तीन सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स में भी एक सरकारी कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया।
इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
मेघालय में बढ़ा तनाव, केंद्रीय बलों की तैनाती को मंजूरी
हालांकि, बुधवार की हिंसा के बाद इन हमलों से राज्य में तनाव और बढ़ गया है। बुधवार की हिंसा में कम से कम 31 वाहन, जिनमें ज्यादातर असम में पंजीकृत थे, क्षतिग्रस्त किए गए थे और कई लोगों के साथ मारपीट हुई थी। केंद्र ने गुरुवार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद के लिए मेघालय में केंद्रीय बलों की पांच कंपनियां तैनात करने को मंजूरी दी थी। इनमें सीआरपीएफ की चार और आरएएफ की एक कंपनी शामिल है। इनकी तैनाती 25 अगस्त तक रहेगी।
विज्ञापन
शिलॉन्ग में स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। हालांकि, नोंगमेंसोंग इलाके में गुरुवार रात करीब 9.30 बजे एक घटना हुई। यहां नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया। बम चौकी परिसर के अंदर गिरा और एक कुर्सी में आग लग गई। घटना के समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज किया जाएगा और इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी।
उपद्रवियों ने फूंके कई वाहन
री-भोई में उपद्रवियों ने रात करीब दो बजे साइदेन में जल संसाधन विभाग के परिसर में खड़े दो सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी। एक बोलेरो (ML 01 4464) और एक मोटरसाइकिल पूरी तरह जल गए, जबकि एक अन्य बोलेरो (ML 01 5359) को आंशिक नुकसान हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स में उपद्रवियों ने रात करीब एक बजे मावकिरवाट के पास मावलांगविर गांव में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका। पेट्रोल बम कार्यालय की छत पर गिरा, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक बी. ज्यरवा ने बताया कि पड़ोसियों ने धमाके की आवाज सुनी, लेकिन मौके पर किसी को नहीं देखा।
वाहनों की आवाजाही हुई प्रभावित
पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि शिलॉन्ग में हुई हिंसा के संबंध में पुलिस ने गुरुवार को 15 एफआईआर दर्ज कीं। असम-मेघालय सीमा के पास जोरबाट और खानापारा में गुवाहाटी के कैब ऑपरेटरों और परिवहन कर्मियों की नाकेबंदी से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर मेघालय में पंजीकृत वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
शुक्रवार को जोरबाट में यात्रियों को वाहनों से उतार दिया गया और उन्होंने असम की टैक्सियों से आगे का सफर किया। वहीं, गुवाहाटी से मेघालय की ओर जाने वाली टैक्सियों को यात्रियों के बिना आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को नाकेबंदी से बाहर रखा गया।
गुवाहाटी पुलिस ने बताया कि खानापारा में प्रदर्शनकारियों ने मेघालय नंबर की एक टैक्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। पश्चिम गारो हिल्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की गाड़ी को भी प्रदर्शनकारियों ने रोका, लेकिन बाद में उसे शिलॉन्ग की ओर जाने दिया गया।
ड्राइवरों के संगठन और कैब ऑपरेटरों ने की क्या मांग?
असम के ड्राइवर संगठनों और पर्यटक कैब ऑपरेटरों ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और पर्यटन मंत्री से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों और घायल लोगों के लिए मुआवजा देने तथा मेघालय में यात्रा करने वाले असम में पंजीकृत वाहनों और चालकों की सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन देने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, मेघालय में पंजीकृत वाहनों को असम में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। असम में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कम से कम छह महीने तक सप्ताहांत में पर्यटन के लिए मेघालय का बहिष्कार करने की अपील भी की।
असम-मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने की बातचीत
अंतरराज्यीय तनाव कम करने की कोशिश के तहत मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल की हिंसा और दोनों राज्यों के बीच आवाजाही में आई बाधाओं के बाद शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इसके बाद मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभालांग धर और असम के कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा को अंतर-मंत्रालयी बैठक करने और स्थिति सुधारने तथा दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच लोगों और वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बातचीत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई।
दोनों सरकारें आगे की घटनाओं को रोकने, यात्रियों और परिवहन ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही के लिए कदमों पर चर्चा कर सकती हैं। मेघालय सरकार ने भी नागरिकों से शांति बनाए रखने और तनाव को और बढ़ाने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील की है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने शिलॉन्ग तथा राज्य के अन्य संवेदनशील इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। अधिकारी हिंसा की नई घटनाओं को रोकने के लिए स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, शिलॉन्ग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया। वहीं, री-भोई में तीन सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स में भी एक सरकारी कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया।
विज्ञापन
इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
मेघालय में बढ़ा तनाव, केंद्रीय बलों की तैनाती को मंजूरी
हालांकि, बुधवार की हिंसा के बाद इन हमलों से राज्य में तनाव और बढ़ गया है। बुधवार की हिंसा में कम से कम 31 वाहन, जिनमें ज्यादातर असम में पंजीकृत थे, क्षतिग्रस्त किए गए थे और कई लोगों के साथ मारपीट हुई थी। केंद्र ने गुरुवार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद के लिए मेघालय में केंद्रीय बलों की पांच कंपनियां तैनात करने को मंजूरी दी थी। इनमें सीआरपीएफ की चार और आरएएफ की एक कंपनी शामिल है। इनकी तैनाती 25 अगस्त तक रहेगी।
विज्ञापन
शिलॉन्ग में स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। हालांकि, नोंगमेंसोंग इलाके में गुरुवार रात करीब 9.30 बजे एक घटना हुई। यहां नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया। बम चौकी परिसर के अंदर गिरा और एक कुर्सी में आग लग गई। घटना के समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज किया जाएगा और इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी।
उपद्रवियों ने फूंके कई वाहन
री-भोई में उपद्रवियों ने रात करीब दो बजे साइदेन में जल संसाधन विभाग के परिसर में खड़े दो सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी। एक बोलेरो (ML 01 4464) और एक मोटरसाइकिल पूरी तरह जल गए, जबकि एक अन्य बोलेरो (ML 01 5359) को आंशिक नुकसान हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स में उपद्रवियों ने रात करीब एक बजे मावकिरवाट के पास मावलांगविर गांव में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका। पेट्रोल बम कार्यालय की छत पर गिरा, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक बी. ज्यरवा ने बताया कि पड़ोसियों ने धमाके की आवाज सुनी, लेकिन मौके पर किसी को नहीं देखा।
वाहनों की आवाजाही हुई प्रभावित
पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि शिलॉन्ग में हुई हिंसा के संबंध में पुलिस ने गुरुवार को 15 एफआईआर दर्ज कीं। असम-मेघालय सीमा के पास जोरबाट और खानापारा में गुवाहाटी के कैब ऑपरेटरों और परिवहन कर्मियों की नाकेबंदी से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर मेघालय में पंजीकृत वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
शुक्रवार को जोरबाट में यात्रियों को वाहनों से उतार दिया गया और उन्होंने असम की टैक्सियों से आगे का सफर किया। वहीं, गुवाहाटी से मेघालय की ओर जाने वाली टैक्सियों को यात्रियों के बिना आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को नाकेबंदी से बाहर रखा गया।
गुवाहाटी पुलिस ने बताया कि खानापारा में प्रदर्शनकारियों ने मेघालय नंबर की एक टैक्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। पश्चिम गारो हिल्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की गाड़ी को भी प्रदर्शनकारियों ने रोका, लेकिन बाद में उसे शिलॉन्ग की ओर जाने दिया गया।
ड्राइवरों के संगठन और कैब ऑपरेटरों ने की क्या मांग?
असम के ड्राइवर संगठनों और पर्यटक कैब ऑपरेटरों ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और पर्यटन मंत्री से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों और घायल लोगों के लिए मुआवजा देने तथा मेघालय में यात्रा करने वाले असम में पंजीकृत वाहनों और चालकों की सुरक्षा को लेकर लिखित आश्वासन देने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, मेघालय में पंजीकृत वाहनों को असम में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। असम में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कम से कम छह महीने तक सप्ताहांत में पर्यटन के लिए मेघालय का बहिष्कार करने की अपील भी की।
असम-मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने की बातचीत
अंतरराज्यीय तनाव कम करने की कोशिश के तहत मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल की हिंसा और दोनों राज्यों के बीच आवाजाही में आई बाधाओं के बाद शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इसके बाद मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभालांग धर और असम के कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा को अंतर-मंत्रालयी बैठक करने और स्थिति सुधारने तथा दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच लोगों और वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बातचीत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई।
दोनों सरकारें आगे की घटनाओं को रोकने, यात्रियों और परिवहन ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही के लिए कदमों पर चर्चा कर सकती हैं। मेघालय सरकार ने भी नागरिकों से शांति बनाए रखने और तनाव को और बढ़ाने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील की है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने शिलॉन्ग तथा राज्य के अन्य संवेदनशील इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। अधिकारी हिंसा की नई घटनाओं को रोकने के लिए स्थिति पर नजर रख रहे हैं।