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India-China Relations: डोभाल-वांग यी वार्ता से तैयार होगी मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात की जमीन, बीजिंग पहुंचे NSA

Tue, 25 Aug 2026 05:22 AM IST
Ashutosh Bhatia आशुतोष भाटिया
Updated Tue, 25 Aug 2026 05:22 AM IST
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india china relations doval wang yi talks pm modi xi jinping meeting lac disengagement roadmap
अजीत डोभाल, वांग यी - फोटो : विदेश मंत्रालय
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच मंगलवार को होने वाली 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता का दायरा सीमा विवाद तक सीमित नहीं है। यह 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर की कूटनीतिक जमीन तैयार करना है। सूत्रों के मुताबिक बीजिंग वार्ता में शी जिनपिंग की भारत यात्रा और मोदी-शी द्विपक्षीय मुलाकात के लिए जमीन तैयार करने पर चर्चा होगी।
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2024 और 2025 में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बनी सहमतियों के बाद इस मुलाकात को भारत-चीन रिश्तों को पूरी तरह से पटरी पर लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे। वार्ता की मेज पर डोभाल अपनी रणनीतिक प्राथमिकताएं स्पष्ट करेंगे। वांग यी के साथ चर्चा में पूर्वी लद्दाख समेत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शेष तनाव कम करने, सीमा प्रबंधन और गश्त से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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सीमा पर शांति पहली शर्त
बीजिंग वार्ता में आर्थिक संबंधों की बहाली पर भी बात होगी। चीन की प्राथमिकता सीधी उड़ानों की शुरुआत, वीजा प्रक्रियाओं में ढील और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से पाबंदियां हटाने की है। हालांकि भारत का रुख स्पष्ट है- सरहद पर जब तक पूर्ण शांति और स्थिरता बहाल नहीं होती तब तक व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को पूरी तरह सामान्य नहीं बनाया जा सकता।

डोभाल का यह दौरा 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद भारत-चीन संबंधों में आए सबसे बड़े मोड़ का संकेत दे रहा है। मंगलवार की बैठक के बाद जारी होने वाला साझा बयान यह तय करेगा कि सितंबर में नई दिल्ली सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
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