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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   World Mosquito Day 2026: Dengue and malaria carrying mosquitoes thriving in the cold Western Himalayas; 13 new

World Mosquito Day: ठंडे पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पनप रहा डेंगू-मलेरिया का मच्छर, 13 नई प्रजातियां मिलीं

Thu, 20 Aug 2026 11:40 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, शिमला।
आदित्य सोफत, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 20 Aug 2026 11:40 AM IST
सार
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हाल ही में मच्छरों की नई 13 प्रजातियां मिली हैं। ये प्रजातियां मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छरों की हैं। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे वातावरणीय बदलाव और जलवायु परिवर्तन के कारण मच्छर की नई प्रजातियां पैदा हो रही है।

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World Mosquito Day 2026: Dengue and malaria carrying mosquitoes thriving in the cold Western Himalayas; 13 new
डेंगू मच्छर(प्रतीकात्मक)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ठंडे पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में मलेरिया और डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को अनुकूल माहौल मिल रहा है। हाल ही में मच्छरों की नई 13 प्रजातियां मिली हैं। ये प्रजातियां मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छरों की हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे वातावरणीय बदलाव और जलवायु परिवर्तन के कारण मच्छर की नई प्रजातियां पैदा हो रही है। यह भविष्य के लिए बड़ी चिंता बन गई है। ऐसे ठंडे इलाके जहां मच्छर पनप नहीं पाता था अब वहां भी तेजी से पनप रहा है। इससे ठंडे पहाड़ों में भी मलेरिया के खतरे से अछूता नहीं रह गया है। हैरत तो यह है यह मच्छर गर्मी में ही नहीं बल्कि ठंड होने पर भी मिले है। यानी 365 दिन एनोफेल्स फ्लूवियाटिलिस नामक मच्छर की प्रजाति मिली है। पहले-पहले ये सिर्फ गर्मियों में मिलता था, अब सर्दियों में भी सर्वाइव कर रहा है।

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इसके अलावा एनोफेलेस कुलीसिफेसिस और एनोफिलीज की 11 अलग-अलग प्रजातियां हैं। इसका खुलासा हाल ही में हुए अध्ययन में हुआ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च (एनआईएमआर) के विशेषज्ञों की टीम ने प्रदेश के 22 गांवों में अध्ययन किया। इस अध्ययन को 2026 में अंतरराष्ट्रीय जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट में प्रकाशित किया है। विशेषज्ञों ने पांच साल तक 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई वाले गांवों में मच्छरों की प्रजातियों की निगरानी की। इस निगरानी के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अध्ययन में यह भी पता चला है कि पिछले 10 वर्षों में तापमान और ह्यूमिडिटी लगातार बढ़ी है। इस कारण मच्छरों की प्रजातियां न केवल घरों के बाहर बल्कि घरों में नमी वाला एरिया, गोशाला, पानी के कुंड, नालों में पनप रही हैं।

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क्यों हो रहा है ऐसा
शोध में मच्छरों की नई प्रजाति और ठंडे क्षेत्रों में पनपने के मुख्य तीन कारण बताए हैं। सबसे अहम बात यह है कि घरों के अंदर गर्माहट और घर के अंदर बाहर से तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान रहता है। इसी के साथ नमी आठ फीसदी ज्यादा और तापमान और ह्यूमिडिटी लगातार बढ़ रही है।

मच्छर जनित बीमारियों को लेकर कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रदेश के ठंडे क्षेत्रों में डेंगू और मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं। वातावरण बदलाव मुख्य कारण है। मच्छरों को लेकर लगातार अध्ययन किया जा रहा है। इसका कोई स्थायी समाधान नहीं मिल रहा है। -डॉ. एके सिंह, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विभाग

ठंडे क्षेत्रों में वातावरण बदलाव के कारण मच्छर पनप रहे हैं। स्प्रे करने के बाद भी कोई असर नहीं देखने को मिला है। -डॉ. मीनाक्षी, एसोसिएट प्रोफेसर, जैव विज्ञान विभाग हिमाचल विवि

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