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Una News: पीरनिगाह मंदिर विवाद पर भड़का आक्रोश, मिनी सचिवालय में गूंजा साडा हक एत्थे रख
Sat, 22 Aug 2026 01:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:44 AM IST
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डीसी कार्यालय परिसर में अपनी मांगों को लेकर एकत्रित बसोली पंचायत की जनता। संवाद
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ऊना। पीरनिगाह मंदिर विवाद को लेकर ग्रामीणों का सब्र बुधवार को जवाब दे गया। मंदिर की चाबियां वापस लेने की मांग को लेकर मिनी सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक परिसर में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। ग्रामीणों ने साडा हक एत्थे रख, डीसी ऊना मुर्दाबाद, सतपाल रायजादा मुर्दाबाद और सुक्खू सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। हालात को देखते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर करीब एक घंटे तक पुलिस बल तैनात रहा।
ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे से उपायुक्त ऊना जतिन लाल से मिलने का इंतजार कर रहे थे। दोपहर दो बजे पहली बार उनकी उपायुक्त के साथ बातचीत हुई। इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे दोबारा वार्ता हुई लेकिन दोनों प्रयास बेनतीजा रहे। ग्रामीणों के मुताबिक उपायुक्त ने उन्हें कुछ और समय देने की बात कही या समाधान न होने पर अदालत जाने का सुझाव दिया। इस पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने साफ कहा कि जब मंदिर की व्यवस्था प्रशासन को सौंपी गई थी तो अब चाबियां वापस लेने के लिए ग्रामीण अदालत के दरवाजे पर क्यों जाएं।
पंचायत प्रधान सतनाम सिंह, जिला परिषद सदस्य अनु ठाकुर और ग्रामीणों में रानी देवी, नेहा ठाकुर, कुलभूषण सिंह और बलवंत सिंह ने कहा कि वे करीब 12 बार प्रशासन के साथ बातचीत कर चुके हैं। हर बार उन्हें आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। अब किसी आश्वासन पर भरोसा नहीं है। इस बार बातचीत नहीं, मंदिर की चाबियां चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले प्रशासन को चाबियां सौंपी थीं इसलिए अब प्रशासन ही वापस करे।
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पिछले दरवाजे से बाहर निकले उपायुक्त
सहमति नहीं बनने और मामला गरमाता देख उपायुक्त जतिन लाल कार्यालय से पिछले दरवाजे से बाहर निकले। इसके बाद भी ग्रामीण करीब एक घंटे तक कार्यालय के बाहर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन समाप्त करने के बजाय ग्रामीणों ने वहीं बैठक कर लंगर लगाया। उन्होंने कहा कि सुबह से भूखे पेट अधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें फिर वही आश्वासन मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे विवाद के पीछे राजनीतिक दबाव काम कर रहा है। उनका कहना था कि यदि गांव में कांग्रेस समर्थित पंचायत बनती तो मंदिर की चाबियां पहले ही दिन वापस कर दी जातीं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि पीरनिगाह मंदिर में अब कोई अधिकारी न आए, अन्यथा ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि पीरनिगाह मंदिर मामले में ग्रामीणों को विश्वास में लेकर और कानूनी मानकों के तहत जल्द हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ बातचीत का प्रयास किया गया। जिला प्रशासन गंभीरता के कार्यवाही कर रहा है।
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ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे से उपायुक्त ऊना जतिन लाल से मिलने का इंतजार कर रहे थे। दोपहर दो बजे पहली बार उनकी उपायुक्त के साथ बातचीत हुई। इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे दोबारा वार्ता हुई लेकिन दोनों प्रयास बेनतीजा रहे। ग्रामीणों के मुताबिक उपायुक्त ने उन्हें कुछ और समय देने की बात कही या समाधान न होने पर अदालत जाने का सुझाव दिया। इस पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने साफ कहा कि जब मंदिर की व्यवस्था प्रशासन को सौंपी गई थी तो अब चाबियां वापस लेने के लिए ग्रामीण अदालत के दरवाजे पर क्यों जाएं।
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पंचायत प्रधान सतनाम सिंह, जिला परिषद सदस्य अनु ठाकुर और ग्रामीणों में रानी देवी, नेहा ठाकुर, कुलभूषण सिंह और बलवंत सिंह ने कहा कि वे करीब 12 बार प्रशासन के साथ बातचीत कर चुके हैं। हर बार उन्हें आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। अब किसी आश्वासन पर भरोसा नहीं है। इस बार बातचीत नहीं, मंदिर की चाबियां चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले प्रशासन को चाबियां सौंपी थीं इसलिए अब प्रशासन ही वापस करे।
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पिछले दरवाजे से बाहर निकले उपायुक्त
सहमति नहीं बनने और मामला गरमाता देख उपायुक्त जतिन लाल कार्यालय से पिछले दरवाजे से बाहर निकले। इसके बाद भी ग्रामीण करीब एक घंटे तक कार्यालय के बाहर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन समाप्त करने के बजाय ग्रामीणों ने वहीं बैठक कर लंगर लगाया। उन्होंने कहा कि सुबह से भूखे पेट अधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें फिर वही आश्वासन मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे विवाद के पीछे राजनीतिक दबाव काम कर रहा है। उनका कहना था कि यदि गांव में कांग्रेस समर्थित पंचायत बनती तो मंदिर की चाबियां पहले ही दिन वापस कर दी जातीं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि पीरनिगाह मंदिर में अब कोई अधिकारी न आए, अन्यथा ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि पीरनिगाह मंदिर मामले में ग्रामीणों को विश्वास में लेकर और कानूनी मानकों के तहत जल्द हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ बातचीत का प्रयास किया गया। जिला प्रशासन गंभीरता के कार्यवाही कर रहा है।

डीसी कार्यालय परिसर में अपनी मांगों को लेकर एकत्रित बसोली पंचायत की जनता। संवाद