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Una News: लालसिंगी में जमीन विवाद मामले में मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
Fri, 21 Aug 2026 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:27 AM IST
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ऊना। जिला ऊना के महाल लालसिंगी में विवादित राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर लोगों की जमीन पर कथित अवैध कब्जे करवाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को उपायुक्त ऊना के माध्यम से शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। शिकायत में राजस्व विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
ग्रामीणों की ओर से दिए शिकायतपत्र में बताया गया कि स्थानीय निवासी सुरजीत कुमार ने वर्ष 1958 में करीब सात कनाल भूमि खरीदी थी और तब से उक्त जमीन पर उसका कब्जा चला आ रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त भूमि को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 मार्च 2026 से यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद निर्माण वहां कार्य शुरू कर दिया और कुछ जमीन पर खड़ी फसल को उखाड़कर दोबारा कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायत में कहा गया है कि मामले में राजस्व विभाग पहले से पार्टी है। इसके बावजूद दो जुलाई 2026 को शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में पटवारी और कानूनगो की मौजूदगी में कथित तौर पर विवादित राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा करवा दिया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 1980-84 के दौरान संबंधित राजस्व रिकॉर्ड तैयार किया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि उस रिकॉर्ड के आधार पर सभी मालिकों को कब्जा मौके पर दिया गया और उस समय गांव में कोई भूमि विवाद नहीं था। आरोप है कि यह रिकॉर्ड अब जिला एवं तहसील कार्यालय में उपलब्ध नहीं। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2024 में भी इस संबंध में भू-व्यवस्था अधिकारी, धर्मशाला को लिखित जानकारी दी गई थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि महाल लालसिंगी में चल रहे कथित अवैध कब्जों की दो सप्ताह के भीतर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो किसान योद्धा सरदार इक्का सिंह कल्याण समिति आंदोलन करेगी।
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उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि लालसिंगी गांव में जमीनी विवाद का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित विभाग से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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ग्रामीणों की ओर से दिए शिकायतपत्र में बताया गया कि स्थानीय निवासी सुरजीत कुमार ने वर्ष 1958 में करीब सात कनाल भूमि खरीदी थी और तब से उक्त जमीन पर उसका कब्जा चला आ रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त भूमि को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 मार्च 2026 से यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद निर्माण वहां कार्य शुरू कर दिया और कुछ जमीन पर खड़ी फसल को उखाड़कर दोबारा कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायत में कहा गया है कि मामले में राजस्व विभाग पहले से पार्टी है। इसके बावजूद दो जुलाई 2026 को शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में पटवारी और कानूनगो की मौजूदगी में कथित तौर पर विवादित राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा करवा दिया गया।
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शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 1980-84 के दौरान संबंधित राजस्व रिकॉर्ड तैयार किया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि उस रिकॉर्ड के आधार पर सभी मालिकों को कब्जा मौके पर दिया गया और उस समय गांव में कोई भूमि विवाद नहीं था। आरोप है कि यह रिकॉर्ड अब जिला एवं तहसील कार्यालय में उपलब्ध नहीं। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2024 में भी इस संबंध में भू-व्यवस्था अधिकारी, धर्मशाला को लिखित जानकारी दी गई थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि महाल लालसिंगी में चल रहे कथित अवैध कब्जों की दो सप्ताह के भीतर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो किसान योद्धा सरदार इक्का सिंह कल्याण समिति आंदोलन करेगी।
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उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि लालसिंगी गांव में जमीनी विवाद का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित विभाग से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।