हिमाचल विधानसभा: युवाओं को रोजगार के मामले में सत्ता पक्ष ने गिनाईं उपलब्धियां, विपक्ष ने मांगा श्वेतपत्र
प्रदेश विधानसभा में नियम 130 के तहत रोजगार के मुद्दे पर हुई चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने युवाओं को रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, आउटसोर्स कर्मचारियों, आर्थिक स्थिति और सरकार की नीतियों को लेकर अलग-अलग मुद्दे उठाए।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नियम 130 के तहत रोजगार के मुद्दे पर हुई चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने युवाओं को रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, आउटसोर्स कर्मचारियों, आर्थिक स्थिति और सरकार की नीतियों को लेकर अलग-अलग मुद्दे उठाए। इस पर सत्ता पक्ष ने उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष ने श्वेतपत्र मांगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाएगी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। 2 अक्तूबर को रोजगार एक्सचेंज का एप लॉन्च होगा, जिसमें 600 उद्योगों की नौकरियों की जानकारी मिलेगी।
भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पौने चार साल में करीब 23 हजार नौकरियां दी हैं, जबकि चार लाख रोजगार का वादा किया था। उन्होंने उद्योगों में हिमाचली युवाओं के लिए 70 फीसदी रोजगार सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने बेरोजगारी, नशे, कर्ज और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी कर सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि वह कितने युवाओं को रोजगार दे सकती है। कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने की जरूरत है।
उन्होंने सरकार को प्रदेश को आगे ले जाने में सक्षम बताते हुए केंद्र पर ओपीएस के पैसे रोकने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक दीपराज ने प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के 80 फीसदी किसानों के पास दो बीघा से कम जमीन है। उन्होंने पटवारी परीक्षा की तारीख तय न होने, सड़कों की खराब हालत और अपने क्षेत्र में विकास कार्यों में देरी का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायक नीरज नैयर ने कहा कि पर्यटन, ऊर्जा, बागवानी और कृषि के जरिये प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत की जा सकती है। उन्होंने पिछली सरकार पर कर्ज और देनदारियां छोड़ने तथा जरूरत के बिना शिक्षण संस्थान खोलने का आरोप लगाया।
चिट्टा गैंग से जुड़े पुलिसकर्मी को डीजीपी डिस्क क्यों : सत्ती
भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने चिट्टा गैंग के साथ फोटो लेने वाले पुलिसकर्मी को डीजीपी डिस्क दिए जाने पर सवाल उठाया और सूची की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नई भर्तियां निकालने के बजाय पूर्व सरकार की भर्तियां भी खत्म कर रही है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर मांगा जवाब, सीएम बोेले-तमाम बातों का ध्यान रखेगी सरकार
प्रदेश विधानसभा में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर विपक्ष ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बहुत अधिक मामले सामने आ रहे हैं। एहतियात के तौर पर सरकार की ओर से क्या निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि यह जनता से जुड़ा विषय है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू का संज्ञान लिया है और इसे लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बरसात के मौसम में कई प्रकार के फ्लू होते हैं। न सरकार इसको लेकर तमाम उपाय करती है और सभी प्रकार की बीमारियों के नियंत्रण पर काम कर रही है।
परवाणू में बारिश से नुकसान का आकलन करेगी डीसी की कमेटी
परवाणू और आसपास के गांवों में 29 और 30 अगस्त को भारी बारिश से हुए नुकसान का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति सदन के समक्ष रखी। उन्होंने नुकसान का आकलन करवाने, बहाली कार्य तेज करने और प्रभावित क्षेत्र के लिए विशेष फंड उपलब्ध करवाने की मांग की। चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नुकसान का आकलन करने के लिए डीसी सोलन की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। सुल्तानपुरी ने कहा कि भारी बारिश से परवाणू और आसपास के 16 गांव प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल गिरने से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है, इसलिए बहाली कार्यों के लिए विशेष फंड उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने नालों पर बने उद्योगों और अतिक्रमण को भी गंभीर खतरा बताया।
परवाणू, टकसाल और अंबोटा के नालों को दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मिट्टी की बनावट नदी के तल जैसी है, जिससे बारिश के दौरान खतरा बढ़ जाता है। सुल्तानपुरी ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए टास्क फोर्स गठित करने और विशेष टीम भेजने की मांग की। उन्होंने वैकल्पिक सड़कों के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद चलने वाली विंटेज ट्रेन को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि परवाणू और आसपास के गांवों में बारिश से नुकसान हुआ है। सोलन समेत प्रदेश के कई जिलों में इस बार भारी बारिश से नुकसान हुआ है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार नुकसान कम है। उन्होंने बताया कि सात सड़कें खोली जा चुकी हैं, जबकि तीन सड़कें दोबारा यातायात के लिए बहाल कर दी गई हैं। जलशक्ति विभाग ने पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी है और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर भी ठीक किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर नुकसान कम करने के उपाय किए जाएंगे। सरकार की ओर से अब तक 13 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्र को पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) में भी शामिल किया जाएगा।