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Kaithal News: चाइनीज डोर से युवक का गला कटा, तीन टांके लगाकर बचाई जान
Sun, 23 Aug 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:27 AM IST
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उपचार के बाद अस्पताल से बाहर आता घायल जोगिंदर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शनिवार दोपहर सेक्टर-18 के रास्ते से बाइक पर गुजर रहे नरवाना के मोहल्ला खेड़ा निवासी जोगिंदर के गले में चाइनीज डोर फंस गई। डोर से गर्दन बुरी तरह कट गई और करीब तीन सेंटीमीटर गहरा घाव हो गया व खून निकलने लगा। घायल को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने घाव पर तीन टांके लगाए।
जोगिंदर ने बताया कि वह अपने बच्चे को उपचार के लिए कैथल के निजी अस्पताल में लेकर आ रहा था। सेक्टर-18 के रास्ते में अचानक डोर उसके गले से लिपट गई। इससे गर्दन पर कट लग गया। चोट लगने के बाद वह जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा।
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प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज डोर का हो रहा इस्तेमाल
प्रशासन ने चाइनीज डोर की खरीद, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद इसके इस्तेमाल से हादसा होने पर प्रतिबंधित डोर की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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चिकित्सकों ने तुरंत किया उपचार
आपातकालीन विभाग में तैनात डॉक्टर यशवीर ने बताया कि जोगिंदर की गर्दन पर करीब तीन सेंटीमीटर गहरा घाव था और खून निकल रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद घाव पर तीन टांके लगाए गए। हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर यशवीर ने कहा कि चाइनीज डोर बेहद धारदार होती है और इसकी चपेट में आने से गंभीर चोट लग सकती है। उन्होंने लोगों से ऐसी डोर का इस्तेमाल नहीं करने और बिक्री या उपयोग की जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील की।
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पहले भी हो चुका हादसा
इससे पहले भी नेहरू गार्डन निवासी छात्रा स्नेहा ट्यूशन से घर लाैटते समय चाइनीज डोर की चपेट में आ गई थी। उसके गले में डोर लिपट जाने से गहरा घाव हो गया था। हालांकि घाव ज्यादा गहरा नहीं था, जिससे छात्रा की जान बच गई। इससे पहले भी ऐसे कईं हादसे हो चुके हैं।
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कैथल। शनिवार दोपहर सेक्टर-18 के रास्ते से बाइक पर गुजर रहे नरवाना के मोहल्ला खेड़ा निवासी जोगिंदर के गले में चाइनीज डोर फंस गई। डोर से गर्दन बुरी तरह कट गई और करीब तीन सेंटीमीटर गहरा घाव हो गया व खून निकलने लगा। घायल को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने घाव पर तीन टांके लगाए।
जोगिंदर ने बताया कि वह अपने बच्चे को उपचार के लिए कैथल के निजी अस्पताल में लेकर आ रहा था। सेक्टर-18 के रास्ते में अचानक डोर उसके गले से लिपट गई। इससे गर्दन पर कट लग गया। चोट लगने के बाद वह जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा।
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प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज डोर का हो रहा इस्तेमाल
प्रशासन ने चाइनीज डोर की खरीद, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद इसके इस्तेमाल से हादसा होने पर प्रतिबंधित डोर की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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चिकित्सकों ने तुरंत किया उपचार
आपातकालीन विभाग में तैनात डॉक्टर यशवीर ने बताया कि जोगिंदर की गर्दन पर करीब तीन सेंटीमीटर गहरा घाव था और खून निकल रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद घाव पर तीन टांके लगाए गए। हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर यशवीर ने कहा कि चाइनीज डोर बेहद धारदार होती है और इसकी चपेट में आने से गंभीर चोट लग सकती है। उन्होंने लोगों से ऐसी डोर का इस्तेमाल नहीं करने और बिक्री या उपयोग की जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील की।
पहले भी हो चुका हादसा
इससे पहले भी नेहरू गार्डन निवासी छात्रा स्नेहा ट्यूशन से घर लाैटते समय चाइनीज डोर की चपेट में आ गई थी। उसके गले में डोर लिपट जाने से गहरा घाव हो गया था। हालांकि घाव ज्यादा गहरा नहीं था, जिससे छात्रा की जान बच गई। इससे पहले भी ऐसे कईं हादसे हो चुके हैं।