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Hisar News: उत्तरी जिलों को छोड़ पूरे हरियाणा में कमजोर पड़ा मानसून, जल्द विदाई के आसार
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हिसार। प्रदेश के उत्तरी जिलों को छोड़कर अन्य हिस्सों में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने 24 अगस्त तक प्रदेश के करीब 50 प्रतिशत हिस्से में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इस बार मानसून की विदाई भी सामान्य समय से पहले होने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी जिलों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर बना हुआ है। इसके चलते महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और रोहतक में उमस लोगों को परेशान कर रही है। हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में पिछले 10-12 दिनों से मानसून की बारिश नदारद है। उमसभरी गर्मी का असर फसलों पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मानसून टर्फ लगातार उत्तरी जिलों की ओर स्थित रहने से वहां बारिश की गतिविधियां दर्ज हो रही हैं। पिछले 24 घंटे में कैथल में 39, पानीपत में 9, रोहतक में 5, करनाल में 0.7, फरीदाबाद में 2.5 और गुरुग्राम में 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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21 अगस्त को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और 22 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से 24 अगस्त तक हरियाणा और एनसीआर के करीब 50 प्रतिशत हिस्से में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। उत्तरी-पूर्वी और मध्य हरियाणा में हल्की बारिश, जबकि पश्चिमी व दक्षिणी हिस्सों में बिखराव वाली बूंदाबांदी हो सकती है।
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस बार मानसून की विदाई भी जल्दी होने के आसार हैं। सामान्य तौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह के बाद मानसून की विदाई मानी जाती है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी जिलों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर बना हुआ है। इसके चलते महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और रोहतक में उमस लोगों को परेशान कर रही है। हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में पिछले 10-12 दिनों से मानसून की बारिश नदारद है। उमसभरी गर्मी का असर फसलों पर भी पड़ रहा है।
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उन्होंने बताया कि मानसून टर्फ लगातार उत्तरी जिलों की ओर स्थित रहने से वहां बारिश की गतिविधियां दर्ज हो रही हैं। पिछले 24 घंटे में कैथल में 39, पानीपत में 9, रोहतक में 5, करनाल में 0.7, फरीदाबाद में 2.5 और गुरुग्राम में 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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21 अगस्त को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और 22 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से 24 अगस्त तक हरियाणा और एनसीआर के करीब 50 प्रतिशत हिस्से में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। उत्तरी-पूर्वी और मध्य हरियाणा में हल्की बारिश, जबकि पश्चिमी व दक्षिणी हिस्सों में बिखराव वाली बूंदाबांदी हो सकती है।
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस बार मानसून की विदाई भी जल्दी होने के आसार हैं। सामान्य तौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह के बाद मानसून की विदाई मानी जाती है।