गोरखपुर: ओएलएक्स के जरिए बुलाकर लूट ले रहे बदमाश, पुलिस कर रही जागरूक
खुद की जगह पर बुलाकर मोबाइल फोन व वाहन लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पुलिस जागरूक कर रही, फिर भी लोग फंस जा रहे हैं।
विस्तार
गोरखपुर में बदमाश इस दिनों लूट के नए तरीके को अख्तियार कर पुलिस की मुसीबत बढ़ा दिए हैं। ओएलएक्स पर बाइक, कार और मोबाइल फोन खरीदने के बहाने लोगों को बुलाकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से बचाने के लिए पुलिस लगातार प्रचार-प्रसार भी कर रही है, फिर भी लोग बदमाशों की जाल में फंस रहे हैं। हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
जानकारी के मुताबिक, ओएलएक्स पर लोग आसानी से अपने मोबाइल फोन या वाहन बेचने के लिए विज्ञापन देते है। इसी को बदमाशों ने अपना हथियार बना लिया है। बदमाश नंबर हासिल कर अपने चुनिंदा जगहों पर बुलाते हैं। बातों में उलझा कर उनका मोबाइल फोन लेकर फरार हो जा रहे तो कार को ट्रायल के नाम पर लूट रहे हैं। अब पुलिस का कहना है कि इसे लेकर थानों पर आने वालों को जागरूक करने के साथ ही बीट सिपाही क्षेत्र भ्रमण के दौरान जागरूक करना शुरू कर दिए हैं।
केस एक
9 जून 2021: गुलरिहा इलाके के मोगलहा निवासी वेदप्रकाश शुक्ला ने पल्सर बाइक बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिए थे। बदमाश बाइक लेकर शिवाय होटल के पास बुलाए थे। कार से दो बदमाश पहुंचे थे और वेदप्रकाश के बेटे कुंदन को ट्रायल के बहाने लेकर गया। उधर, कार लेकर बदमाश फरार हो गया तो रास्ते में बेटे को मारपीट कर उतारकर बाइक लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए गोपालगंज के बड़हरा निवासी श्रेयांश यादव और बरहज, पैना के नितिन सिंह को गिरफ्तार किया था।
केस दो
6 जनवरी 2022 : मोहद्दीपुर निवासी अवनीत यादव ने ओएलएक्स पर एप्पल का मोबाइल बेचने के लिए विज्ञापन दिए थे। एक नंबर से फोन आया और फिर उन्हें ह्वी पार्क के पास बुलाया गया। बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे और बातचीत में देखने के बहाने उनका मोबाइल फोन लिए और फिर धक्का मारते हुए लेकर फरार हो गए। पीड़ित ने पुलिस चौकी पर सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए कैंट के रुस्तमपुर निवासी आयुश शाही और सन्नी पांडेय को गिरफ्तार किया।
ऑनलाइन सामान बेचना है तो बरते ये सावधानी
- कोई भी सामान देखने की बात करें तो उसे घर पर बुलाएं।
- उसका मोबाइल फोन नंबर मिला का जरूर चेक कर लें।
- घर पर आने पर फोटो और पहचान पत्र पहले ले फिर ही ट्रायल के लिए वाहन या सामान दें।
- ऑनलाइन रुपये भेजने की बात करें तो ओटीपी कभी ना बताएं, सीधे खाते में ही ट्रांसफर कराएं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि ऑनलाइन के जरिए सामान खरीदने के नाम पर जालसाजी करने के मामले सामने आते हैं। ऐसे मामले में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर बदमाशों को पकड़ भी रही है, लेकिन लोगों को जागरूक रहना चाहिए। इसे लेकर पुलिस जागरूकता अभियान भी चलाती है।