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Gorakhpur News: रामगढ़ताल में मछली मारने पर रोक फिर भी आखेट कर रहे सीना ठोंक
Wed, 28 Dec 2022 01:19 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 28 Dec 2022 01:19 PM IST
ताल में टेंडर फाइनल होने तक मछली मारने पर जीडीए ने रोक लगा रखी है मगर सख्ती नहीं होने की वजह से मछली मारने का काम बंद नहीं हो रहा है। एक दिसंबर को जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह की तरफ से तीन थानों के प्रभारी निरीक्षकों को भेजी गई।
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रामगढ़ताल
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बिना अनुमति के रामगढ़ताल में मछली मारने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक दिसंबर को रामगढ़ताल, कैंट और खोराबार थानों में तहरीर दी थी। बावजूद इसके ताल में अवैध तरीके से मछली मारने का खेल बंद नहीं हुआ है। मंगलवार की सुबह भी रामगढ़ताल रेलवे कॉलोनी के पास, वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के सामने और महादेव झारखंडी क्षेत्र की तरफ आठ से 10 नावों की मदद से मछलियां मारी जा रहीं थीं।
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ताल में मछली मारने के लिए प्राधिकरण ने 21 नवंबर 2022 को टेंडर निकाला था। 20 दिसंबर आवेदन की आखिरी तारीख थी। 22 दिसंबर को नीलामी फाइनल होनी थी। मगर अब आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई। चार जनवरी को नीलामी पर अंतिम मुहर लगेगी।
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ताल में टेंडर फाइनल होने तक मछली मारने पर जीडीए ने रोक लगा रखी है मगर सख्ती नहीं होने की वजह से मछली मारने का काम बंद नहीं हो रहा है। एक दिसंबर को जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह की तरफ से तीन थानों के प्रभारी निरीक्षकों को भेजी गई।
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तहरीर में कहा गया था कि रामगढ़ताल नया सवेरा पर नाव के संचालक धर्मेंद्र शुक्ला व राहुल साहनी ने शिकायत की है कि रामगढ़ताल में मछुआरों द्वारा जाल लगाकर मछलियां निकाली जा रहीं हैं। इससे नाव के संचालन में कठिनाई हो रही है। जीडीए सचिव ने पुलिस से कहा था कि रामगढ़ताल से अवैध रूप से मछलियां निकालने का काम बंद कराया जाए और ऐसा करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
बिना अनुमति के मछली मारना पूरी तरह से अवैध है। तहरीर के बाद भी मछली मारे जाने पर जीडीए का कहना है कि इस संबंध में पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा गया है जबकि पुलिस का कहना है कि औचक निरीक्षण किया जाता है। कोई भी मछली मारते मिला तो कार्रवाई होगी।