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सूर्या: साउथ अभिनेता ने छात्रों को दी रील्स छोड़ पढ़ाई पर ध्यान दें सलाह, बोले- हार के बाद भी जारी रखें कोशिश
Sun, 18 Oct 2026 11:48 AM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:48 AM IST
Suriya Advised To Student: सूर्या ने हाल ही में अपने पिता और दिग्गज अभिनेता शिवकुमार के एजुकेशनल ट्रस्ट के 47वें स्थापना समारोह में छात्रों को सलाह दी।
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सूर्या
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साउथ अभिनेता सूर्या ने हाल ही में अपने पिता और दिग्गज अभिनेता शिवकुमार के शिवकुमार एजुकेशनल ट्रस्ट के 47वें स्थापना समारोह में छात्रों को सलाह दी। छात्रों को जीवन की सीख देते हुए अभिनेता ने आज के समय में इंस्टाग्राम रील्स के बढ़ते इस्तेमाल पर भी बात की।
सूर्या ने कहा कि रील्स देखने में ज्यादा समय बिताने के बजाय छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, पॉडकास्ट देखने चाहिए और किसी विषय के बारे में गहराई से जानने के लिए ऑनलाइन रिसर्च करनी चाहिए, न कि केवल ऊपर-ऊपर से जानकारी हासिल करनी चाहिए।
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सूर्या ने कहा कि रील्स देखने में ज्यादा समय बिताने के बजाय छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, पॉडकास्ट देखने चाहिए और किसी विषय के बारे में गहराई से जानने के लिए ऑनलाइन रिसर्च करनी चाहिए, न कि केवल ऊपर-ऊपर से जानकारी हासिल करनी चाहिए।
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सूर्या
- फोटो : इंस्टाग्राम@jyotika
क्या दी सूर्या ने छात्रों को सलाह
इवेंट में सूर्या ने कहा, 'अगर आप रील्स देखते रहेंगे, तो आप सिर्फ एक कहानी देख रहे हैं। हो सकता है कि आप उससे कुछ सीख भी न पाएं।' उन्होंने छात्रों को इसके बजाय सफल लोगों की असल जिंदगी की कहानियां जानने की सलाह दी। इसके लिए उन्होंने छात्रों से उन लोगों के सफर पर आधारित लंबे पॉडकास्ट देखने को कहा।
अपने मोटिवेशनल भाषण में सूर्या ने जिंदगी की तुलना फिल्म बनाने की प्रक्रिया से भी की। अभिनेता ने कहा, 'निर्देशक कभी नहीं कहता कि आप असफल हो गए हैं। इसके बजाय वह कहता है कि एक बार और। मैं जिंदगी को एक निर्देशक की तरह देखता हूं। जिंदगी कभी आपसे नहीं कहती कि आप असफल हो गए हैं। आपको ऐसा लग सकता है, लेकिन जिंदगी ऐसी नहीं है।'
इवेंट में सूर्या ने कहा, 'अगर आप रील्स देखते रहेंगे, तो आप सिर्फ एक कहानी देख रहे हैं। हो सकता है कि आप उससे कुछ सीख भी न पाएं।' उन्होंने छात्रों को इसके बजाय सफल लोगों की असल जिंदगी की कहानियां जानने की सलाह दी। इसके लिए उन्होंने छात्रों से उन लोगों के सफर पर आधारित लंबे पॉडकास्ट देखने को कहा।
अपने मोटिवेशनल भाषण में सूर्या ने जिंदगी की तुलना फिल्म बनाने की प्रक्रिया से भी की। अभिनेता ने कहा, 'निर्देशक कभी नहीं कहता कि आप असफल हो गए हैं। इसके बजाय वह कहता है कि एक बार और। मैं जिंदगी को एक निर्देशक की तरह देखता हूं। जिंदगी कभी आपसे नहीं कहती कि आप असफल हो गए हैं। आपको ऐसा लग सकता है, लेकिन जिंदगी ऐसी नहीं है।'
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सूर्या
- फोटो : सोशल मीडिया
सूर्या बोले- सफलता पाने की उम्मीद बनाए रखें
सूर्या ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें अभिनय की ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन 30 साल तक लगातार काम करने और अपने अभिनय को बेहतर बनाने की कोशिश करने से उन्हें स्टारडम हासिल करने में मदद मिली। सूर्या ने छात्रों को आभार जताने की सीख भी दी।
उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफलता हासिल करने में जिन लोगों ने भी मदद की है, उनके योगदान को हमेशा स्वीकार करना चाहिए, भले ही उनका योगदान छोटा ही क्यों न हो। सूर्या ने बताया कि फिल्म के सेट पर भी उनके अभिनय को बेहतर बनाने में कई लोगों की भूमिका होती है। इनमें निर्देशक और लेखक से लेकर सिनेमैटोग्राफर, एडिटर और एक्शन डायरेक्टर जैसे तकनीशियन भी शामिल होते हैं।
सूर्या ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें अभिनय की ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन 30 साल तक लगातार काम करने और अपने अभिनय को बेहतर बनाने की कोशिश करने से उन्हें स्टारडम हासिल करने में मदद मिली। सूर्या ने छात्रों को आभार जताने की सीख भी दी।
उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफलता हासिल करने में जिन लोगों ने भी मदद की है, उनके योगदान को हमेशा स्वीकार करना चाहिए, भले ही उनका योगदान छोटा ही क्यों न हो। सूर्या ने बताया कि फिल्म के सेट पर भी उनके अभिनय को बेहतर बनाने में कई लोगों की भूमिका होती है। इनमें निर्देशक और लेखक से लेकर सिनेमैटोग्राफर, एडिटर और एक्शन डायरेक्टर जैसे तकनीशियन भी शामिल होते हैं।