दोबारा नहीं होगी नीट पीजी 2026 परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, इतने हजार का जुर्माना भी लगाया
NEET PG 2026: सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2026 परीक्षा दोबारा कराने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया और वकील को भी कड़ी फटकार लगाई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
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NEET PG 2026: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नीट पीजी 2026 की दोबारा परीक्षा कराने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की पीठ ने याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता और वकील को फटकार लगाई।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीठ ने कहा कि वह कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग को लेकर वकील के खिलाफ कार्रवाई के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने वकील को क्यों लगाई फटकार?
सुनवाई के दौरान पीठ ने वकील से कहा, "ऐसा लगता है कि यह व्यक्ति फुल-टाइम पीआईएल याचिकाकर्ता बन गया है। जहां भी परीक्षाएं होती हैं, आप याचिकाएं दायर करने लगते हैं। आपने पहले रोक लगाने के लिए याचिका क्यों दायर की थी? क्या यह आपके कहने पर किया गया था या याचिकाकर्ता सच में इसे दायर करने में दिलचस्पी रखता था? हम बार काउंसिल ऑफ इंडिया से आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहेंगे।"
याचिकाकर्ता ने दोबारा परीक्षा की मांग क्यों की?
- याचिकाकर्ता की ओर से सभी छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई थी।
- याचिका में आरोप लगाया गया था कि मई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ है।
- उस आदेश में नीट पीजी परीक्षा एक ही पाली में कराने का निर्देश दिया गया था।
सुनवाई के दौरान वकील ने जयपुर में करीब 2,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो पाने का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने इन अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की थी। यह परीक्षा 5 सितंबर को होनी है।
जयपुर में कितने केंद्रों पर प्रभावित हुई परीक्षा?
एनबीईएमएस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता नोएडा और पंजाब से हैं और वे इस व्यवधान से प्रभावित नहीं हुए थे।
- एनबीईएमएस के वकील ने बताया कि देशभर में 1,111 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
- बिजली की समस्या के कारण व्यवधान केवल जयपुर के दो केंद्रों तक सीमित रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित वकील ने सोशल मीडिया पर सभी अभ्यर्थियों से टिप्पणियां और मामले मांगे थे, जिससे समस्या पैदा हुई।
क्या याचिकाकर्ताओं ने नीट पीजी परीक्षा दी थी?
सुनवाई के दौरान जस्टिस अलोक अराधे ने पूछा कि मौजूदा जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता खुद परीक्षा देना चाहते हैं या नहीं। इस पर वकील ने बताया कि वे परीक्षा नहीं देना चाहते।
इस पर जस्टिस अराधे ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा, "हम बार काउंसिल ऑफ इंडिया से आपके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। सिर्फ दो और केस (ब्रीफ) पाने के लिए आप सोशल मीडिया पर केस ढूंढ रहे हैं। इतने सारे छात्र आपको फ़ोन करके जानकारी दे रहे हैं, तो आपको इससे क्या फर्क पड़ता है? क्या आपको एहसास है कि आप इस देश का कितना नुकसान कर रहे हैं?"
अंत में सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2026 की दोबारा परीक्षा कराने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये की लागत लगा दी।
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