जलमग्न हुई दिल्ली: बारिश ने खोली राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की पोल, नई दिल्ली में सबसे ज्यादा हालात खराब
राजधानी में मूसलाधार बारिश ने जल निकासी व आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी। दिल्ली के 14 स्थानों पर जलभराव और 16 स्थानों पर पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी हुई।
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राजधानी में हुई मूसलाधार बारिश ने जल निकासी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी है। बारिश के बाद नई दिल्ली के वीआईपी और प्रमुख इलाकों से लेकर बाहरी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और पूर्वी दिल्ली तक जलभराव की शिकायतें सामने आईं। वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिरने से भी लोगों को परेशानी हुई। बारिश में जलभराव के 14 स्थान और पेड़ गिरने के 16 स्थान दर्ज कराई गई।
जलभराव की सबसे ज्यादा शिकायतें नई दिल्ली इलाके से सामने आईं। उद्योग भवन गोल चक्कर, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-3 के सामने, कनॉट प्लेस गोल चक्कर, डीआईजेड एरिया गोल मार्केट सेक्टर-2, लोदी एस्टेट के महर्षि रमण मार्ग और गोल डाकखाना पोस्ट ऑफिस के आसपास पानी जमा होने की शिकायत दर्ज हुई। सरोजिनी नगर के बाबू मार्केट में दुकान संख्या 106 के सामने भी जलभराव हुआ।
चांदनी चौक के विधानसभा क्षेत्र, संगम विहार स्थित हमदर्द पब्लिक स्कूल, सुल्तानपुरी के शिव मंदिर क्षेत्र, डाबरी एक्सटेंशन, हरि नगर, किराड़ी सुलेमान नगर और रामा विहार से भी जलभराव की शिकायतें दर्ज हुईं। इससे साफ है कि बारिश का असर राजधानी के अलग-अलग इलाकों में व्यापक रहा।
कई इलाकों में पेड़ भी गिरे
बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी दर्ज हुईं। नई दिल्ली में लक्ष्मीबाई नगर, सरोजिनी नगर, घाना दूतावास के गेट नंबर-1 के पास, नॉर्थ ब्लॉक-राजघाट गुरुद्वारा क्षेत्र और साउथ एवेन्यू डिस्पेंसरी के आसपास पेड़ गिरने की शिकायतें सामने आईं। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-3 के सामने भी पेड़ गिरने की सूचना दर्ज हुई। इसके अलावा शालीमार बाग, बदरपुर-जैतपुर, त्रिलोकपुरी, वसंत कुंज स्थित आईआईटी क्षेत्र, ओखला फेज-1, सुभाष नगर और अंबेडकर नगर में भी पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।