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Noida News: प्राधिकरण में ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की तैयारी
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में सफाई व्यवस्था व अन्य विभागों में कर्मचारियों को रखने के लिए प्रभावी ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की तैयारी है। अभी अलग-अलग श्रम आपूर्ति एजेंसी के ठेकेदारों के जरिये करीब 5700 कर्मचारी तैनात हैं।
ठेकेदारी व्यवस्था पर लगातार सवाल उठने के बाद पूरे प्रदेश के लिए शासन स्तर पर उत्तर प्रदेश आउटसोर्स निगम का गठन किया गया है। निगम से प्राधिकरण में ठेकेदारी व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है। अभी प्राधिकरण में 1 प्रतिशत व 100 प्रतिशत की ठेकेदारी व्यवस्था है। एक प्रतिशत में कर्मचारी के वेतन का एक प्रतिशत ठेकेदार लेता है। बाकी की धनराशि कर्मचारी को मिलती है। 100 प्रतिशत में पूरी धनराशि ठेकेदार लेकर अपने स्तर से वेतन देता है।
अब निगम के गठन के बाद तैयारी है कि कर्मचारी निगम के जरिये रखे जाएंगे। कर्मचारियों के वेतन की धनराशि निगम को जाएगी। फिर निगम वेतन के साथ ईएसआईसी, पीएफ समेत अन्य सुविधाएं मानक के मुताबिक देगा। इससे निजी क्षेत्र का दखल कम होगा। प्राधिकरण के जीएम एस पी सिंह ने बताया कि निगम से जो जानकारी मांगी गई है प्राधिकरण से भेजी जाएगी।
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ठेकेदारी व्यवस्था पर लगातार सवाल उठने के बाद पूरे प्रदेश के लिए शासन स्तर पर उत्तर प्रदेश आउटसोर्स निगम का गठन किया गया है। निगम से प्राधिकरण में ठेकेदारी व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है। अभी प्राधिकरण में 1 प्रतिशत व 100 प्रतिशत की ठेकेदारी व्यवस्था है। एक प्रतिशत में कर्मचारी के वेतन का एक प्रतिशत ठेकेदार लेता है। बाकी की धनराशि कर्मचारी को मिलती है। 100 प्रतिशत में पूरी धनराशि ठेकेदार लेकर अपने स्तर से वेतन देता है।
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अब निगम के गठन के बाद तैयारी है कि कर्मचारी निगम के जरिये रखे जाएंगे। कर्मचारियों के वेतन की धनराशि निगम को जाएगी। फिर निगम वेतन के साथ ईएसआईसी, पीएफ समेत अन्य सुविधाएं मानक के मुताबिक देगा। इससे निजी क्षेत्र का दखल कम होगा। प्राधिकरण के जीएम एस पी सिंह ने बताया कि निगम से जो जानकारी मांगी गई है प्राधिकरण से भेजी जाएगी।
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