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Noida News: दहेज हत्या मामले में तीनों आरोपी बरी
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(अदालत से)
- अदालत ने कहा, मौत से ठीक पहले क्रूरता के सबूत नहीं मिले
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में सास, ससुर और पति सहित तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। मामला थाना सूरजपुर क्षेत्र का है। मृतका के पिता गजेंद्र कुमार ने 17 अक्तूबर 2017 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री का विवाह अशोक पुत्र जोगेंद्र से हुआ था। शुरू से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर मारपीट और गाली-गलौज करते थे। घटना के दिन वाली सुबह सूचना मिली कि ससुराल वालों ने पुत्री को फंदे पर लटकाकर मार डाला। इस तहरीर के आधार पर सास सुमन, ससुर जोगेंद्र, पति अशोक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने कहा कि दोषसिद्धि के लिए यह साबित करना जरूरी है कि मृत्यु से शीघ्र पूर्व दहेज संबंधी क्रूरता हुई थी। साक्ष्य से मौत फंदा लगाने से होना ही स्थापित होता है, हत्या की ओर इशारा करने वाली कोई परिस्थिति सामने नहीं आई। इस कारण तीनों को दोषमुक्त कर दिया।
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- अदालत ने कहा, मौत से ठीक पहले क्रूरता के सबूत नहीं मिले
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में सास, ससुर और पति सहित तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। मामला थाना सूरजपुर क्षेत्र का है। मृतका के पिता गजेंद्र कुमार ने 17 अक्तूबर 2017 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री का विवाह अशोक पुत्र जोगेंद्र से हुआ था। शुरू से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर मारपीट और गाली-गलौज करते थे। घटना के दिन वाली सुबह सूचना मिली कि ससुराल वालों ने पुत्री को फंदे पर लटकाकर मार डाला। इस तहरीर के आधार पर सास सुमन, ससुर जोगेंद्र, पति अशोक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने कहा कि दोषसिद्धि के लिए यह साबित करना जरूरी है कि मृत्यु से शीघ्र पूर्व दहेज संबंधी क्रूरता हुई थी। साक्ष्य से मौत फंदा लगाने से होना ही स्थापित होता है, हत्या की ओर इशारा करने वाली कोई परिस्थिति सामने नहीं आई। इस कारण तीनों को दोषमुक्त कर दिया।