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Noida News: 27 साल पहले बेची जमीन पर कब्जे की कोशिश
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- मां-बेटे पर फर्जी दस्तावेज लगाने का आरोप
- नाबालिग बेटे को कागजों में बालिग दिखाकर कोर्ट में दाखिल किए दस्तावेज, कोर्ट के आदेश पर केस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोतवाली फेज-3 क्षेत्र में करीब 27 साल पहले बेची जा चुकी जमीन को दोबारा हासिल करने के प्रयास का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सेक्टर-70 निवासी गौरव यादव ने कोर्ट में अर्जी दी है कि उनके पिता अमरपाल और चाचा धर्मपाल यादव ने प्रभा यादव से जनवरी 2011 को जमीन खरीदी थी, जिस पर उनकी दुकानें बनी हुई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रभा यादव ने यह जमीन रामेश्वरी से छह जनवरी 1999 को खरीदी थी। आरोप है कि जमीन की पहली बिक्री के समय रामेश्वरी का बेटा सुनील नाबालिग था। इसके बावजूद अब उसने अपनी मां के साथ मिलकर खुद को वर्ष 1999 में बालिग साबित करने के लिए दस्तावेज तैयार कराए और जमीन पर दावा करते हुए न्यायालय में वाद दायर किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनील के कुछ दस्तावेजों में जन्मतिथि गलत दर्शाई गई। वहीं, स्कूल के रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 15 जुलाई 1984 दर्ज है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवादित जमीन पर दावा मजबूत करने के लिए फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज भी तैयार कराए गए। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि इस मामले में कोर्ट के आदेश पर सुनील यादव, रामेश्वरी व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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- नाबालिग बेटे को कागजों में बालिग दिखाकर कोर्ट में दाखिल किए दस्तावेज, कोर्ट के आदेश पर केस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोतवाली फेज-3 क्षेत्र में करीब 27 साल पहले बेची जा चुकी जमीन को दोबारा हासिल करने के प्रयास का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सेक्टर-70 निवासी गौरव यादव ने कोर्ट में अर्जी दी है कि उनके पिता अमरपाल और चाचा धर्मपाल यादव ने प्रभा यादव से जनवरी 2011 को जमीन खरीदी थी, जिस पर उनकी दुकानें बनी हुई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रभा यादव ने यह जमीन रामेश्वरी से छह जनवरी 1999 को खरीदी थी। आरोप है कि जमीन की पहली बिक्री के समय रामेश्वरी का बेटा सुनील नाबालिग था। इसके बावजूद अब उसने अपनी मां के साथ मिलकर खुद को वर्ष 1999 में बालिग साबित करने के लिए दस्तावेज तैयार कराए और जमीन पर दावा करते हुए न्यायालय में वाद दायर किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनील के कुछ दस्तावेजों में जन्मतिथि गलत दर्शाई गई। वहीं, स्कूल के रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 15 जुलाई 1984 दर्ज है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवादित जमीन पर दावा मजबूत करने के लिए फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज भी तैयार कराए गए। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि इस मामले में कोर्ट के आदेश पर सुनील यादव, रामेश्वरी व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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