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Noida News: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी रणजीत को कोर्ट ने किया बरी
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में आरोपी रणजीत निवासी बुलंदशहर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है। मामला थाना सेक्टर-24 नोएडा में वर्ष 2004 में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। जिसमें रणजीत के अलावा सूरज और संजय भी आरोपी बनाए गए थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर बसों में सफर करने वाले यात्रियों से जेब काटकर रुपये, मोबाइल फोन व अन्य सामान चोरी करने की वारदातों को अंजाम दिया था। जिसके आधार पर जिलाधिकारी से गैंगचार्ट स्वीकृत कराकर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में आरोपी सूरज पहले ही जुर्म स्वीकार कर चुका है, जबकि संजय की अनुपस्थिति के कारण उसकी पत्रावली पृथक कर दी गई थी। ऐसे में केवल रणजीत के विरुद्ध विचारण चल रहा था। गवाहों ने जिरह में स्वीकार किया कि न तो आरोपी की गिरफ्तारी उनके सामने हुई और न ही कोई बरामदगी हुई। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में आरोपी रणजीत निवासी बुलंदशहर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है। मामला थाना सेक्टर-24 नोएडा में वर्ष 2004 में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। जिसमें रणजीत के अलावा सूरज और संजय भी आरोपी बनाए गए थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर बसों में सफर करने वाले यात्रियों से जेब काटकर रुपये, मोबाइल फोन व अन्य सामान चोरी करने की वारदातों को अंजाम दिया था। जिसके आधार पर जिलाधिकारी से गैंगचार्ट स्वीकृत कराकर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में आरोपी सूरज पहले ही जुर्म स्वीकार कर चुका है, जबकि संजय की अनुपस्थिति के कारण उसकी पत्रावली पृथक कर दी गई थी। ऐसे में केवल रणजीत के विरुद्ध विचारण चल रहा था। गवाहों ने जिरह में स्वीकार किया कि न तो आरोपी की गिरफ्तारी उनके सामने हुई और न ही कोई बरामदगी हुई। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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