प्रदूषण से जंग: ग्रैप-2 की सख्ती के बीच दिल्ली मेट्रो का राहत प्लान, अब रोज लगाएगी 40 अतिरिक्त फेरे
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद सोमवार से तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 लागू कर दिया गया है।
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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-2) के कड़े प्रावधानों के लागू होने के बीच, दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों को बड़ी राहत और सुविधा देने का फैसला किया है। प्रदूषण को कम करने और लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु दिल्ली मेट्रो ने अपने नेटवर्क पर फेरियों (ट्रिप्स) की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।
अतिरिक्त फेरियों की संख्या
मंगलवार से कार्य दिवसों (वीक डेज) पर मेट्रो की 20 और अतिरिक्त फेरियां संचालित की जाएंगी, जिससे नेटवर्क पर कुल अतिरिक्त फेरियों की संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या को कम करना और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करना है, ताकि दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ रखने में सामूहिक योगदान दिया जा सके।
दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-2 लागू
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद सोमवार से तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप)-2 लागू कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद सोमवार से तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाएंगे। होटल, रेस्तरां और ढाबों में कोयले तथा लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वहीं, आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर चलाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
कार्यालयों के समय में बदलाव, पार्किंग महंगी
ग्रेप-2 लागू होने से आम लोगों की दिनचर्या और खर्च पर भी असर पड़ सकता है। दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी तथा नगर निगम के कार्यालयों के समय में बदलाव किया जा सकता है। केंद्र सरकार भी अपने कार्यालयों के समय में परिवर्तन पर निर्णय ले सकती है। निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क बढ़ाने का कदम उठाया जा रहा है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) की पार्किंग सुविधाओं को इससे अलग रखा गया है। सर्दियों में खुले में लकड़ी और कचरा जलाने से रोकने के लिए आरडब्ल्यूए को सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारियों और मालियों के लिए बिजली कनेक्शन सहित इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिक भी निभाएं जिम्मेदारी
सीएक्यूएम ने नागरिकों से प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की अपील की है। वाहन चालकों को पीयूसी प्रमाणपत्र अपडेट रखने, लालबत्ती पर इंजन बंद करने और सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है। घरों और खुले स्थानों पर कचरा तथा पत्तियां जलाने से बचने, निर्माण से उड़ने वाली धूल नियंत्रित करने और पटाखों से दूरी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की शिकायत 311, ग्रीन दिल्ली और समीर एप के माध्यम से की जा सकती है।