दिल्ली में चार मंजिला इमारत ढही: महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे समेत चार की मौत, एक और शव मिला; रेस्क्यू जारी
दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक चार मंजिला इमारत गिर गई। हादसे में अब तक चार की मौत हो गई है। बचाव दल को तड़के एक और शव बरामद हुआ।
विस्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी स्थित ईदगाह मछली मंडी के पास बुधवार दोपहर बाद एक जर्जर चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 घायल हैं। घटना दिन में करीब 3:10 बजे हुई। हादसे के समय मकान में मौजूद और आसपास से गुजर रहे लोग मलबे में दब गए। बचाव दल को तड़के एक शव और बरामद हुआ।
#WATCH | Delhi: A body has been recovered from the building collapse site in the Seemapuri area. Rescue operations are underway. https://t.co/aQQxZq8r7w
— ANI (@ANI) October 7, 2026
राहतकर्मियों ने रात तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला था, जिनमें तीन को बचाया नहीं जा सका। आठ घायलों को इलाज के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में चार महीने की गर्भवती गुलअफशां (21), एक किशोरी (12) और एक बच्चा अब्दीम शामिल है।
घायलों में मोमिन मिर्जा (56), अब्दान (03), अब्दुल रहमान (28), देवरुद्दीन (28), सलमा (50), छोटे (34), सकीना (35) व समद (30) शामिल हैं। राहतकर्मी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में फंसा न हो। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ, एमसीडी व डीडीएमए की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटना के 15 से 20 मिनट में बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
मकान खाली कराने से पहले ही हो गया हादसा
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद ठीक एक महीने बाद यह घटना हुई है। डूसिब की जमीन पर बनी इमारत करीब 20 साल पुरानी थी। पहले यह दो मंजिला थी, लेकिन पिछले साल दो और मंजिलें बना दी गईं। इमारत से सटे एक हिस्से में तोड़फोड़ भी चल रही थी जिससे नींव पर दबाव पड़ रहा था।
- मंगलवार रात आए भूकंप के बाद इमारत में कई जगह दरारें आ गई थीं। मकान मालिक ने इसे खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन लोग यहां से कहीं और जाते उससे पहलेे ही बुधवार को पूरी इमारत ढह गई।
बचाव अभियान जारी, दबे होने की आशंका में तलाश जारी
गिरी इमारत के मलबे में लोगों की तलाश का अभियान जारी है। नॉर्थ ईस्ट के डीएम अजय कुमार ने बताया कि कल दोपहर करीब 3:15 बजे, कोने पर बनी चार मंजिला इमारत गिर गई। यह इमारत लगभग 22 से 25 वर्ग गज के इलाके में बनी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बगल की इमारत को गिराने का काम चल रहा था। शायद मशीनरी के इस्तेमाल से कंपन हुआ। जिसका असर इस इमारत पर पड़ा और यह गिर गई। उस समय इमारत के अंदर करीब सात-आठ लोग थे... अभी बचाव कार्य चल रहा है। अब तक हमने आठ घायल लोगों को बचाया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। एक महिला को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया... अभी भी दो-तीन लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है।
#WATCH | Delhi: Rescue operations are underway after a multi-storey building collapsed in the Seemapuri area. North East DM Ajay Kumar says, "Around 3:15 PM today, a four-story building located right at the corner collapsed. It covered an area of approximately 22 to 25 square yards. Witnesses present at the scene reported that the adjacent building was undergoing demolition work—possibly using machinery that caused vibrations—which impacted this building, causing it to collapse. There were about seven or eight people inside the building at the time... Rescue operations are currently underway. We have deployed machinery and personnel from the NDRF, DDMA, and MCD, along with other agencies. So far, we have rescued eight injured individuals and admitted them to the hospitals. One woman was declared dead on arrival... There may still be two to three people trapped inside..."
— ANI (@ANI) October 7, 2026
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एमसीडी, डीडीएमए और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय पुलिस और दमकल की टीमें करीब 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। इसके बाद एनडीआरएफ ने भी राहत एवं बचाव अभियान संभाल लिया। मलबे को हटाने के साथ आसपास के हिस्से को खाली कराया गया और देर तक यह जांच चलती रही कि कहीं कोई व्यक्ति मलबे में फंसा तो नहीं है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, करीब 25 वर्ग गज डूसिब की जमीन पर बनी यह इमारत 15 से 20 साल पुरानी थी। शुरुआत में मकान दो मंजिल का था, लेकिन पिछले साल उसके ऊपर दो और मंजिलें बना दी गईं। लोगों का दावा है कि इमारत से सटे हिस्से में पिछले कुछ समय से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। इसके चलते जर्जर मकान की नींव और दीवारों पर असर पड़ा और उसकी स्थिति और कमजोर हो गई।
बताया गया कि मंगलवार रात आए भूकंप के बाद मकान में कई जगह दरारें आ गई थीं। इसे देखते हुए मकान मालिक ने इमारत खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी हो पाती, उससे पहले ही बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। कुछ ही पलों में पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद इलाके में जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल राहत और बचाव टीमों का ध्यान मलबा पूरी तरह हटाने और किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को खत्म करने पर है।
पांच घायलों के सिर में चोट
मलबे से निकाले गए आठ घायलों को एंबुलेंस के जरिए जीटीबी अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें सात मरीज 20 से 25 वर्ष की उम्र के हैं, जबकि एक तीन साल का बच्चा है। प्राथमिक जांच के बाद सभी घायलों को चोट के अनुसार अलग-अलग विभागों में भर्ती किया गया है। अस्पताल के मुताबिक, पांच घायलों के सिर में चोट आई है और उनका इलाज न्यूरोसर्जरी विभाग में चल रहा है। वहीं, तीन घायलों को हड्डियों से जुड़ी चोटें होने के कारण ऑर्थोपेडिक विभाग में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम सभी मरीजों की लगातार निगरानी कर रही है।
डीसीपी राजेन्द्र प्रसाद मीणा ने बताया कि बुधवार दोपहर को न्यू सीमापुरी में ई-ब्लॉक, ई-401 नंबर वाली चार मंज़िला इमारत के गिरने की सूचना मिली। लगभग 25 वर्ग गज के प्लॉट पर यह इमारत बनी थी। इमारत गिरने से बगल की दो इमारतें भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। अभी तक 8 घायल लोगों को मलबे से निकाला गया, हालांकि इसमे एक 3 साल के बच्चे की मौत हो गई। अभी भी बचाव व राहत कार्य जारी है। मलबे के अंदर और लोग तो नहीं फंसे है। इसका भी पता किया जा रहा है।