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उत्तराखंड: दिव्यांग विद्यार्थियों के शैक्षिक और कौशल विकास पर जोर, विशेष शिक्षक तैयार करेंगे कार्ययोजना

Tue, 20 Oct 2026 02:07 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 20 Oct 2026 02:07 PM IST
सार
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सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के विकास के लिए शिक्षा विभाग ने पहल की है। अब विकासखंड स्तर पर विशेष शिक्षक विद्यार्थियों की जरूरतों और क्षमताओं के अनुसार कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि उन्हें पढ़ाई और कौशल विकास में बेहतर सहयोग मिल सके।

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Uttarakhand to prepare action plan for education and skill development of students with disabilities
शिक्षक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं के शैक्षिक, शारीरिक और कौशल विकास को और प्रभावी बनाने के लिए विकासखंड स्तर पर विशेष शिक्षकों की भूमिका तय की गई है। गढ़वाल मंडल के अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) प्रमेन्द्र कुमार ने इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

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निर्देश के अनुसार विशेष शिक्षक अपने विद्यालय की जिम्मेदारियों के साथ-साथ विकासखंड के तहत आने वाले विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं की गतिविधियों का समन्वय करेंगे। विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकता और क्षमता के आधार पर उन्हें चिह्नित कर उनके विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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अपर शिक्षा निदेशक ने कहा, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर नियुक्त विशेष शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ विकासखंड के सभी संबंधित विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। इसके लिए विशेष शिक्षकों का समूह बनाकर उनकी दक्षता और अनुभव के आधार पर विभिन्न गतिविधियों की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनके शैक्षिक, शारीरिक और विभिन्न कौशलों के विकास के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। निर्देश में कहा गया है कि विशिष्ट आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में समान अवसर और बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है, ताकि वे अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ सकें।



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विशेष शिक्षकों की कमी, कार्ययोजना कैसे होगी तैयार
 प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विशेष शिक्षकों के कई पद खाली हैं। इसमें पौड़ी जिले में 38, चमोली में 21, रुद्रप्रयाग में नौ, टिहरी में 16, उत्तरकाशी में 10, देहरादून में पांच, हरिद्वार में 16, नैनीताल में 21, अल्मोड़ा में 23 और बागेश्वर में 3 पद सहित कुछ अन्य जिलों में पद खाली हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि विशेष शिक्षकों की कमी के चलते कार्ययोजना कैसे तैयार होगी।



 

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