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उत्तराखंड: राज्य के हिमाच्छादित 131 गांवों में जनगणना कार्य शुरू; ध्यान रखें...नहीं मांगा जाएगा ओटीपी
Tue, 01 Sep 2026 10:20 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 01 Sep 2026 10:20 PM IST
विशेष जनगणना अभियान के तहत चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जिले के तहत आने वाले 131 हिमाच्छादित गांवों व तीन शहरी स्थानीय निकायों बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री में घर-घर जनगणना कार्य शुरू किया गया।
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जनगणना
- फोटो : freepik
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राज्य के चार जिलों के 131 हिमाच्छादित गांवों में घर-घर जाकर जनगणना शुरू हो गई है। डाटा संकलन के लिए 182 प्रगणक व पर्यवेक्षक तैनात हैं।
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विशेष जनगणना अभियान के तहत चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जिले के तहत आने वाले 131 हिमाच्छादित गांवों व तीन शहरी स्थानीय निकायों बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री में घर-घर जनगणना कार्य शुरू किया गया।
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जगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय व हिमाच्छादित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। अनेक क्षेत्रों में दुर्गम रास्तों व प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों के बावजूद प्रगणक व पर्यवेक्षक पूरे उत्साह, समर्पण से जनगणना कार्य में जुटे हैं। लगातार हो रही वर्षा के बीच भी जनगणना कार्मिक अपने निर्धारित क्षेत्रों तक पहुंचकर घर-घर जाकर डाटा संकलन कर रहे हैं।
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जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रहण नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार की सही एवं पूर्ण जानकारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निदेशक ने कहा, जनगणना कार्य के दौरान किसी भी व्यक्ति से ओटीपी नहीं मांगा जाएगा और न ही संवेदनशील वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा करें।