फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   UKSSSC exam Jammers installed at 445 centres but failed major could not control 5G network Uttarakhand news

Uttarakhand: यूकेएसएसएससी परीक्षा; 445 केंद्रों पर जैमर तो थे लेकिन नाकाम, 5-जी नेटवर्क पर नहीं लगा सकते लगाम

Tue, 23 Sep 2025 07:10 AM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 23 Sep 2025 07:10 AM IST
सार
Register For Event

यूकेएसएसएससी परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर जैमर लगे होने के बावजूद पेपर बाहर कैसे चला गया, ये बड़ा सवाल उठ रहा है। विशेषज्ञों ने इसे तकनीकी खामी बताया। विशेषज्ञों के मुताबिक, 5-जी नेटवर्क पर ये जैमर लगाम नहीं लगा सकते हैं।

विज्ञापन
UKSSSC exam Jammers installed at 445 centres but failed major could not control 5G network Uttarakhand news
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) स्नातक स्तरीय परीक्षा में सभी 445 केंद्रों पर जैमर तो लगे थे लेकिन रोकने में नाकाम थे। इसे एक बड़ी तकनीकी खामी माना जा रहा है। जैमर 4-जी नेटवर्क रोकने वाले थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ये 5-जी नेटवर्क को नहीं रोक सकते।

विज्ञापन

आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लीक होने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। केंद्र सरकार के अधीन एक कंपनी ने जैमर लगाए थे। पहले आयोग केवल संवेदनशील केंद्रों पर इन्हें लगवाता था लेकिन इस बार सभी 445 केंद्रों पर जैमर लगे थे। जब अमर उजाला ने इनकी पड़ताल की तो पता चला कि ये सभी जैमर 4-जी नेटवर्क तक को रोकने वाले थे। विशेषज्ञों से बात की गई तो उनका कहना है कि ऐसे जैमर 5-जी नेटवर्क को रोकने में नाकाम हैं। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में 5-जी नेटवर्क चल रहा है। ये जैमर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) की ओर से लगाए गए हैं।

विज्ञापन

5-जी नेटवर्क को जाम नहीं कर सकता 4-जी जैमर

4-जी नेटवर्क आमतौर पर 700 मेगाहर्ट्स, 1800 मेगाहर्ट्स, 2300 मेगाहर्ट्स बैंड पर काम करता है। 5-जी नेटवर्क इससे कहीं ज्यादा ऊंची फ्रीक्वेंसी बैंड (जैसे 3300 मेगाहर्ट्स, 3500 मेगाहर्ट्स, एमएम वेव : 24 गीगाहर्ट्स तक) पर काम करता है। जैमर एक तय फ्रीक्वेंसी रेंज को ही जाम करता है। लिहाजा, यह 5-जी नेटवर्क को जाम नहीं कर सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

जहां से पेपर बाहर आया, वहां काम नहीं कर रहा था जैमर

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल का कहना है कि उनके पर्यवेक्षक ने मौखिक तौर पर परीक्षा केंद्र के कक्ष-22 में जैमर न चलने की शिकायत की थी। सोमवार को जब उनकी रिपोर्ट आई तो उसमें कक्ष-9 में जैमर के काम न करने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह तो तय है कि जिस कक्ष से पेपर बाहर आया, वहां जैमर काम नहीं कर रहा था। आयोग ने इस संबंध में ईसीआईएल को पत्र भेजा है।

ये भी पढ़ें...UKSSSC Paper Case: आयोग का रुख साफ, रद्द नहीं होगी स्नातक स्तरीय परीक्षा, आरोपी छात्र का रिजल्ट रुकेगा

हमने पूर्व में केंद्र को पत्र भेजा था, जिस पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने ईसीआईएल को 4-जी, 5-जी अपडेटेड जैमर लगाने के निर्देश दिए थे। हमारे अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर 4-जी जैमर लगे थे। कुछेक पर 5-जी जैमर थे। जहां परीक्षा का पेपर बाहर आया, वहां जैमर काम नहीं कर रहा था। इसकी जांच की जा रही है।  - डॉ. शिव कुमार बरनवाल, सचिव, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed