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छात्रवृति घोटाला: रानीखेत पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी, हापुड़ की यूनिवर्सिटी का कर्मचारी गिरफ्तार

Fri, 22 May 2020 07:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा) Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 22 May 2020 07:16 PM IST
सार
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  • बहुचर्चित दशमोत्तर छात्रवृति घोटाले में रानीखेत पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी
  • हापुड़ से मोनार्ड यूनिवर्सिटी के कर्मचारी को किया गिरफ्तार

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Scholarship Scam Uttarakhand: Ranikhet Police arrested Hapur Monad University Employee
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में एससी-एसटी ओबीसी दशमोत्तर छात्रवृत्ति अनियमित्ता मामले में रानीखेत पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। 14,23080 रुपये के गबन मामले में एसआईटी की जांच के बाद इसी साल 10 जनवरी को मुकदमा दर्ज हुआ था।

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रानीखेत क्षेत्र के विद्यालयों से 18 छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति के फर्जी  फॉर्म भरवाए गए थे। इस मामले में उपनिबंधक मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़ के छात्रवृत्ति सेक्सन इंचार्ज को रानीखेत पुलिस ने हापुड़ से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, इसके बाद उसे जेल भेज दिया है।
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विवेचना में जुटी एसएसआई बसंती आर्या ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच एसआईटी टीम द्वारा की गई। 10 जनवरी 2020 को कोतवाली रानीखेत में उपनिबंधक मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़ व अज्ञात बिचौलियों के विरुद्ध, जिला समाज कल्याण कार्यालय अल्मोड़ा से प्राप्त छात्रवृत्ति की धनराशि 14,23080  रुपये के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आपराधिक षडयंत्र रचकर गबन करने के संबंध में अभियोग पंजीकृत किया गया था।

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तब से मामले की गहन विवेचना चल रही थी। उन्होंने बताया कि गहन विवेचना से अभियोग में न्यू शिवपुरी हापुड़ उत्तर प्रदेश निवासी मोनार्ड यूनिवर्सिटी के कर्मचारी अनुज गुप्ता पुत्र स्व. हरीश गुप्ता की संलिप्तता पाई गई। यही व्यक्ति रानीखेत के विद्यालयों से छात्रवृत्ति के फर्जी आवेदन भरकर ले गया था। इसके बाद ना ही बच्चों को छात्रवृत्ति मिली और ना ही कोई कोर्स कराया गया।

संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी गई। इस कार्य में साइबर सैल में नियुक्त कांस्टेबल मोहन बोरा, कांस्टेबल दिलीप, कांस्टेबल दीप चंद्र ने भी सहयोग किया। 21 मई को अनुज गुप्ता को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद आज उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

कोरोना काल में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। संक्रमण के इस दौर में कई तरह की दिक्कतें भी होती हैं। फिलहाल दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। मामले की विवेचना आगे भी जारी रहेगी।
-हरेंद्र चौधरी, कोतवाल रानीखेत।

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