जेल से रिहा होते ही आईएएस स्टिंग केस के आरोपी उमेश कुमार ने कही ऐसी बात, सरकार की बढ़ी सिरदर्दी
स्टिंग प्रकरण में एक माह बाद जेल से रिहा हुए निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा ने ऐसी बात बोल दी जिससे सरकार की परेशानी बढ़ सकती है। उमेश कुमार ने दो टूक कहा कि राज्य के भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने की उनकी मुहिम जारी रहेगी। स्टिंग आपरेशन हुए हैं तो सामने भी आएंगे।
सरकार ने पुलिस से आपराधिक षड्यंत्र के तहत उन्हें गिरफ्तार कराया था। बड़ी बात यह है कि चार माह में उत्तराखंड और झारखंड सरकार पूरी ताकत झोंकने के बाद भी उनके खिलाफ ब्लैकमेलिंग का एक भी सबूत नहीं ला सकी है।
उन्हाेंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के ईद-गिर्द भ्रष्टाचारियों का जमावड़ा है। अब वह सरकार के भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने को कानूनी लड़ाई लडे़ंगे। रांची के बिरसा मुंडा जेल से रिहा होने के बाद सीईओ उमेश कुमार ने दूरभाष पर अमर उजाला से बातचीत में सवाल उठाया कि सरकार को उमेश से क्या डर था, स्टिंग की साजिश थी तो किसको ब्लैकमेल करना था।
यदि सरकार सही काम कर रही है तो उसे किस बात का डर था। जो रातों-रात उनके खिलाफ लंबे समय तक जेल में रखने की साजिश रची गई। एक के बाद एक फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए।
गोपनीय ढंग से 80 दिन पहले उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। बाद में कोर्ट को गुमराह कर उनके खिलाफ गिरफ्तारी और सर्च वारंट लिया गया। यही नहीं गिरफ्तारी के समय पुलिस उनके आवास में घुसकर काफी सामान उठाकर ले गई। इन सब के बावजूद चार माह में पुलिस और सरकार उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं जुटा सकी है।
सरकार के मुखिया ने रांची में उस व्यक्ति के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके घर उनका आना-जाना था। उन्हाेंने कहा कि स्टिंग आपरेशन हुए हैं तो सामने भी आएंगे। उन्हाेंने उच्चतम न्यायालय को पहले ही दो स्टिंग होने की जानकारी दे दी है। उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है। गलत साबित होने पर वह हर सजा भुगतने को तैयार हैं।