फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun Daughters admitted to MBBS using forged certificates three more arrested

देहरादून: फर्जी प्रमाणपत्रों से बेटियों को एमबीबीएस में दाखिला, 25 से 30 लाख दिए, तीन और गिरफ्तार

Wed, 28 Oct 2026 03:35 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Wed, 28 Oct 2026 03:35 PM IST
सार
Register For Event

13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेनटाउन थानों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

विज्ञापन
Dehradun Daughters admitted to MBBS using forged certificates three more arrested
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला कराने के मामले में एसआईटी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुजफ्फरनगर निवासी प्रवीण कुमार, हरिद्वार के जगपाल सिंह और बिजनौर निवासी रामपाल सिंह शामिल हैं। आरोप है कि इन्होंने अपनी बेटियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र और आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज कूटरचित तरीके से तैयार कराए थे। अब तक इस प्रकरण में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

विज्ञापन


एसएसपी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण-1 जया बलूनी के नेतृत्व में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। 13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेनटाउन थानों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए गए थे।
विज्ञापन


25 और 30 लाख रुपये देकर बनवाए प्रमाणपत्र
एसआईटी की पूछताछ में प्रवीण कुमार और जगपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटियों खुशी और स्वाति के एमबीबीएस में दाखिले के लिए पूर्व में गिरफ्तार एजुकेशन कंसल्टेंट रूपेश पंडित से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, रूपेश मेरठ में मिकोडो (MECODO) पाठशाला नाम से कंपनी संचालित करता था। वह निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में कमीशन पर दाखिला दिलाने का काम करता था। आरोप है कि दोनों ने अपनी बेटियों के लिए फर्जी आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार करवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर खुशी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया, जबकि स्वाति को नीट काउंसलिंग में शामिल कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रमाणपत्र बनवाने के एवज में प्रवीण ने रूपेश को 25 लाख रुपये और जगपाल ने 30 लाख रुपये दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड विधानसभा सत्र: विपक्ष के शोर-शराबे के बीच अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पारित, इन मुद्दों पर गरमाया सदन

Trending Videos

हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में कराया दाखिला
तीसरे आरोपी रामपाल सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर बेटी तृप्ति के एमबीबीएस में दाखिले के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए थे। इनमें स्थायी निवास प्रमाणपत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र और आधार कार्ड शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर तृप्ति का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया।

शिक्षण संस्थानों से जुटाए साक्ष्य
एसआईटी ने जांच के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पतों का सत्यापन किया तो वे गलत पाए गए। इसके बाद टीम ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से दाखिले से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए। इनकी जांच के दौरान अभ्यर्थियों के वास्तविक पतों की जानकारी मिली। इसी आधार पर तीनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। एसआईटी का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed