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देहरादून : नोटबंदी के दौरान 40 लाख की धोखाधड़ी में बैंक मैनेजर पर मुकदमा
Tue, 04 Aug 2020 01:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 04 Aug 2020 01:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
उपभोक्ताओं के खातों से 40 लाख रुपये निकालने के आरोप में पुलिस ने कॉरपोरेशन बैंक की मुख्य शाखा के मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मैनेजर पर नोटबंदी के दौरान ग्राहकों के खातों में बिना अनुमति लेनदेन करने का भी आरोप है।
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कोतवाल शिशुपाल नेगी ने बताया कि सोसायटी एरिया, सुभाष नगर निवासी दीपक शर्मा पुत्र वीके शर्मा ने वर्ष 2016 में अपनी फर्म एमएस इंटरप्राइजेज का करंट अकाउंट राजपुर रोड स्थित कारपोरेशन बैंक की मुख्य शाखा में खुलवाया। इस खाते की लिमिट 15 लाख रुपये स्वीकृत की गई थी। तत्कालीन शाखा प्रबंधक प्रवीन डंगवाल ने लोन के नाम पर समय-समय पर कई कागजातों पर उनसे हस्ताक्षर कराए।
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दीपक शर्मा का आरोप है कि नोटबंदी के दौरान बैंक मैनेजर बिना अनुमति उसके खाते से लाखों रुपये का लेन-देन करता रहा। इसी बीच उनके करंट अकाउंट की लिमिट बिना अनुमति 24 लाख कर दी गई। साथ ही बैंक के टारगेट पूरा करने का झांसा देकर मैनेजर ने दीपक की पत्नी के नाम से भी खाता खोल दिया। इस खाते से भी मैनेजर ने पांच लाख रुपये निकाल लिए। पत्नी के खाते की लिमिट भी बिना पूछे 16 लाख 50 हजार कर दी गई। जबकि उनकी पत्नी कभी बैंक गई ही नहीं।
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दीपक ने बताया कि मैनेजर ने उनकी एक परिचित महिला का खाता और उनके भांजे का खाता भी खुलवा दिया। इन खातों से भी बिना अनुमति पैसे निकाले गए। दीपक का आरोप है कि बैंक मैनेजर ने इन खातों से लगभग 40 लाख रुपये निकाले। इसी दौरान प्रवीन डंगवाल का पुणे तबादला हो गया। दूसरे मैनेजर ने खाता एनपीए हो जाने का नोटिस दीपक शर्मा के नाम पर भेज दिया। जिससे उसे बैंक धोखाधड़ी का पता लगा। दीपक का आरोप है कि धोखाधड़ी में बैंक के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।