बजट 2020: रक्षा बजट में और इजाफा करना जरूरी था - लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी
रक्षा बजट में छह फीसदी बढ़ोतरी को जहां कुछ सैन्य विशेषज्ञ सराहनीय कदम बता रहे हैं वहीं कुछ इसे नाकाफी बता रहे हैं। कई का कहना है जिस तरीके से देश के सामने चुनौतियां हैं उस हिसाब से बजट में और बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। हालांकि कुछ विशेषज्ञ पिछले बजट की तुलना में इस साल की गई बढ़ोत्तरी को अच्छी शुरुआत बता रहे हैं।
रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3.37 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी ने कहा कि मोदी सरकार से जो उम्मीद की जा रही थी, उसके मुताबिक रक्षा बजट नहीं बढ़ाया गया है। चीन, अमेरिका जैसे देश आज अपने रक्षा क्षेत्र पर जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं। यहां भी इसकी काफी जरूरत है।
उनका मानना है कि जीडीपी का कम से कम 2 प्रतिशत बजट रक्षा क्षेत्र पर खर्च होना ही चाहिए। कम बजट से सेना का आधुनिकीकरण और हथियार खरीद की प्रक्रिया प्रभावित होती है। लेफ्टिनेंट जनरल राम प्रधान कहना है कि रक्षा मंत्री ने देश की मजबूती के लिए पांच पिलर पर ध्यान दिया है। इनमें रक्षा क्षेत्र भी शामिल है।
सरकार ने सिक्योरिटी ऑफ कंट्री को तवज्जो दी है। जो अच्छी प्रयास है। ले. जनरल रामस्वरूप ने कहा कि किसी भी देश की सेना मजबूत होती है तो वहां की इक ोनोमी भी मजबूती होती है। सरकार ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर सेना का मनोबल बढ़ाया है। कर्नल यूएस ठाकुर ने कहा कि रक्षा बजट में बढ़ोतरी सरकार का सराहनीय कदम है।