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भारत-पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता पर बोले वसीम अकरम: फैंस को क्यों सुनाई खरी-खरी? कहा- बदले की भावना भूलिए
Thu, 03 Sep 2026 05:16 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:16 PM IST
अकरम ने भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान के साथ अपने लंबे रिश्ते पर भी बात की। अकरम ने कहा कि दोनों के बीच कई वर्षों से अच्छा संबंध रहा है और वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर इरफान की कुछ बातों या गतिविधियों से वह हमेशा सहमत नहीं रहे। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि अलग-अलग राय होना सामान्य बात है और इससे आपसी सम्मान कम नहीं होता।
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वसीम अकरम का बयान
- फोटो : IANS/ANI
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने क्रिकेट फैंस से कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मुकाबलों को सिर्फ एक खेल की तरह देखें। उन्होंने कहा कि लोगों को इस प्रतिद्वंद्विता में पुरानी बातें, राजनीतिक मुद्दे या अधिक भावनाएं नहीं जोड़नी चाहिए। अकरम का मानना है कि भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा रोमांचक होते हैं, लेकिन खिलाड़ियों और फैंस को इसे खेल की भावना के साथ देखना चाहिए।
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क्या क्रिकेट को सिर्फ क्रिकेट की तरह देखा जा सकता है?
अकरम ने '1 मिनट' पॉडकास्ट पर बात करते हुए दोनों पड़ोसी देशों के बीच होने वाले मैचों को लेकर लोगों में बहुत ज्यादा उत्साह और जुनून पर बात की। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट मैच के नतीजे को समर्थकों के बीच लंबे समय तक दुश्मनी की वजह नहीं बनना चाहिए। लोगों के पास बहुत समय है। वे क्यों नहीं समझते? यह बस एक खेल है। आखिरकार, यह सिर्फ एक मैच है। किसी को जीतना है, किसी को हारना है। फिर अगले मैच की ओर बढ़ना है। मगर नहीं, जो बहुत पहले हुआ था, वह अभी भी लोगों के मन में है। बदला लेने जैसी बातें 1970 के दशक की हैं। यह वही पुरानी कहावत है कि 'खाली दिमाग शैतान का घर होता है'।'
अकरम ने '1 मिनट' पॉडकास्ट पर बात करते हुए दोनों पड़ोसी देशों के बीच होने वाले मैचों को लेकर लोगों में बहुत ज्यादा उत्साह और जुनून पर बात की। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट मैच के नतीजे को समर्थकों के बीच लंबे समय तक दुश्मनी की वजह नहीं बनना चाहिए। लोगों के पास बहुत समय है। वे क्यों नहीं समझते? यह बस एक खेल है। आखिरकार, यह सिर्फ एक मैच है। किसी को जीतना है, किसी को हारना है। फिर अगले मैच की ओर बढ़ना है। मगर नहीं, जो बहुत पहले हुआ था, वह अभी भी लोगों के मन में है। बदला लेने जैसी बातें 1970 के दशक की हैं। यह वही पुरानी कहावत है कि 'खाली दिमाग शैतान का घर होता है'।'
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इरफान पठान के साथ कैसा है अकरम का रिश्ता?
क्रिकेट इतिहास के सबसे मशहूर तेज गेंदबाजों में से एक अकरम ने पठान के साथ अपने रिश्ते पर भी बात की। इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के बाद पठान की तुलना अक्सर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान से की जाती थी, क्योंकि दोनों ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे और उनके गेंदबाजी एक्शन में भी समानताएं थीं। दोनों की पहली मुलाकात 2004 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुई थी, जब पठान इंटरनेशनल लेवल पर अपनी जगह बना रहे थे। अकरम ने बताया कि यह युवा भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान के महान बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों को देखकर बड़ा हुआ था और तेज गेंदबाजी की कला सीखने के लिए बहुत उत्सुक था।
क्रिकेट इतिहास के सबसे मशहूर तेज गेंदबाजों में से एक अकरम ने पठान के साथ अपने रिश्ते पर भी बात की। इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के बाद पठान की तुलना अक्सर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान से की जाती थी, क्योंकि दोनों ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे और उनके गेंदबाजी एक्शन में भी समानताएं थीं। दोनों की पहली मुलाकात 2004 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान हुई थी, जब पठान इंटरनेशनल लेवल पर अपनी जगह बना रहे थे। अकरम ने बताया कि यह युवा भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान के महान बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों को देखकर बड़ा हुआ था और तेज गेंदबाजी की कला सीखने के लिए बहुत उत्सुक था।
इरफान के बॉलिंग एक्शन पर क्या बोले अकरम?
उन्होंने कहा, 'इरफान 2004 में ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे पर मुझसे मिले थे। मैं कमेंट्री कर रहा था। वह मेरे बहुत बड़े फैन थे। हमें खेलते हुए देखकर ही बड़े हुए थे। मैंने उन्हें कुछ टिप्स दिए थे, लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अच्छा प्रदर्शन किया। उनका बॉलिंग एक्शन शुरू से ही मेरे जैसा था। हालांकि, जब खिलाड़ी आपसे कुछ पूछते हैं, तो आप उन्हें ज्यादातर माइंडसेट के बारे में बताते हैं। एक्शन वगैरह तो ठीक है, क्योंकि उस स्टेज पर आप उस लेवल पर पहुंच चुके होते हैं, जहां आप देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं।'
उन्होंने कहा, 'इरफान 2004 में ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे पर मुझसे मिले थे। मैं कमेंट्री कर रहा था। वह मेरे बहुत बड़े फैन थे। हमें खेलते हुए देखकर ही बड़े हुए थे। मैंने उन्हें कुछ टिप्स दिए थे, लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अच्छा प्रदर्शन किया। उनका बॉलिंग एक्शन शुरू से ही मेरे जैसा था। हालांकि, जब खिलाड़ी आपसे कुछ पूछते हैं, तो आप उन्हें ज्यादातर माइंडसेट के बारे में बताते हैं। एक्शन वगैरह तो ठीक है, क्योंकि उस स्टेज पर आप उस लेवल पर पहुंच चुके होते हैं, जहां आप देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं।'
इरफान के पाकिस्तान के खिलाफ पोस्ट करने पर क्या बोले अकरम?
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने बताया कि उभरते हुए खिलाड़ियों को उनकी सलाह पहले से बनी-बनाई तकनीक को बदलने पर कम और सबसे ऊंचे स्तर पर सफल होने के लिए जरूरी रणनीतिक समझ विकसित करने पर ज्यादा केंद्रित होती थी। अकरम ने कहा, 'वेरिएशन का इस्तेमाल कब करना है, कब नहीं। इरफान अच्छा लड़का है। वह अब भी मुझसे मिलता रहता है। यह अलग बात है कि वह पाकिस्तान के खिलाफ कुछ न कुछ सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं। हालांकि, हमारे फैन भी तैयार रहते हैं। वे भी नजरअंदाज नहीं करते। उन्हें बस जवाब देना होता है।'
पठान ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया और जल्द ही भारत के सबसे होनहार ऑलराउंडरों में से एक बन गए। उनकी लेफ्ट-आर्म पेस, नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और अकरम जैसी बॉलिंग स्टाइल की वजह से उनके करियर के शुरुआती वर्षों में उनकी तुलना अकरम से होने लगी थी।
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने बताया कि उभरते हुए खिलाड़ियों को उनकी सलाह पहले से बनी-बनाई तकनीक को बदलने पर कम और सबसे ऊंचे स्तर पर सफल होने के लिए जरूरी रणनीतिक समझ विकसित करने पर ज्यादा केंद्रित होती थी। अकरम ने कहा, 'वेरिएशन का इस्तेमाल कब करना है, कब नहीं। इरफान अच्छा लड़का है। वह अब भी मुझसे मिलता रहता है। यह अलग बात है कि वह पाकिस्तान के खिलाफ कुछ न कुछ सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं। हालांकि, हमारे फैन भी तैयार रहते हैं। वे भी नजरअंदाज नहीं करते। उन्हें बस जवाब देना होता है।'
पठान ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया और जल्द ही भारत के सबसे होनहार ऑलराउंडरों में से एक बन गए। उनकी लेफ्ट-आर्म पेस, नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और अकरम जैसी बॉलिंग स्टाइल की वजह से उनके करियर के शुरुआती वर्षों में उनकी तुलना अकरम से होने लगी थी।