मार्नस लाबुशेन का खराब फॉर्म बना चिंता का विषय दक्षिण अफ्रीका दौरे पर लाबुशेन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। सीरीज की चार पारियों में उन्होंने 37, 37, 14 और 39 रन बनाए हैं। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ भी उनका बल्ला खामोश रहा था, जहां तीन में से दो पारियों में वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। लाबुशेन ने पिछले 47 टेस्ट पारियों से शतक नहीं लगाया है। उनका आखिरी टेस्ट शतक तीन साल से भी अधिक समय पहले आया था। गकेबरहा टेस्ट की दूसरी पारी में भी वह उस समय अपना विकेट गंवा बैठे, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम मैच बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण अब टेस्ट टीम में उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच उस्मान ख्वाजा ने शेफील्ड शील्ड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों का समर्थन किया है। ख्वाजा ने बताए लाबुशेन के पांच विकल्प फॉक्स क्रिकेट से बातचीत के दौरान ख्वाजा ने कर्टिस पैटरसन, पीटर हैंड्सकॉम्ब, कैमरन बैनक्रॉफ्ट, मार्कस हैरिस और जैक क्लेटन का नाम लिया। उनका मानना है कि इन खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में अपनी काबिलियत साबित की है और उन्हें भी ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में मौका मिलने पर विचार किया जाना चाहिए। ख्वाजा ने कहा कि शेफील्ड शील्ड में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका औसत लाबुशेन के आसपास है और वे लगातार रन बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'शेफील्ड शील्ड क्रिकेट में हमारे पास कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं, जो औसत और प्रदर्शन के मामले में मर्नस जैसा ही कर रहे हैं। ऐसे में अगर लाबुशेन को उनके घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड के आधार पर ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का मौका मिल सकता है, तो इन खिलाड़ियों को क्यों नहीं?' 1. कर्टिस पैटरसन कर्टिस पैटरसन इस समय शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। शेफील्ड शील्ड में उनका औसत लगभग 39 बताया गया है, जबकि लाबुशेन का औसत करीब 38 है। पैटरसन ने मौजूदा शील्ड सीजन की शुरुआत तीन पारियों में एक शतक और एक अर्धशतक लगाकर की है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए दो टेस्ट मैच खेले हैं। साल 2019 में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने टेस्ट शतक भी लगाया था। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 122 मैच दर्ज हैं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए वह लाबुशेन के संभावित विकल्पों में शामिल हैं। 2. पीटर हैंड्सकॉम्ब पीटर हैंड्सकॉम्ब ऑस्ट्रेलिया के लिए 20 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके दोनों शतक नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते हुए आए थे। हालांकि, उन्हें पिछले तीन साल से टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। हैंड्सकॉम्ब ने पिछले शेफील्ड शील्ड सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 11 मैचों में 724 रन बनाए और प्रतियोगिता के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। लेकिन हालिया फॉर्म उनके लिए चिंता का विषय है। भारत ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट सीरीज में वह दोनों पारियों में खाता खोले बिना आउट हो गए थे। 3. कैमरन बैनक्रॉफ्ट कैमरन बैनक्रॉफ्ट भी टेस्ट टीम में वापसी के दावेदार हैं। 32 वर्षीय इस बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 10 टेस्ट मैच खेले हैं। शेफील्ड शील्ड में उनका बल्लेबाजी औसत लगभग 38 बताया गया है। बैनक्रॉफ्ट पिछले शेफील्ड शील्ड सीजन में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। हालांकि, मौजूदा सीजन में वह अभी तक अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके हैं। ऐसे में उन्हें टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए लगातार अच्छे प्रदर्शन की जरूरत होगी। 4. मार्कस हैरिस मार्कस हैरिस ऑस्ट्रेलिया के लिए 14 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। वह भी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के दम पर टीम में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। हाल ही में शेफील्ड शील्ड के एक मैच में हैरिस ने दोनों पारियों में अर्धशतक लगाए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार 12 पारियों से अर्धशतक नहीं लगा पाने का सिलसिला भी समाप्त किया। उनकी हालिया वापसी उन्हें चयनकर्ताओं के सामने अपना दावा मजबूत करने का मौका देती है। 5. जैक क्लेटन जैक क्लेटन ख्वाजा की सूची में शामिल एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अभी तक ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली है। क्लेटन ने 42 प्रथम श्रेणी मैचों में 38 की औसत से 2,472 रन बनाए हैं। उनके नाम छह शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। उन्होंने मौजूदा घरेलू सीजन में भी अच्छा प्रदर्शन किया है और विभिन्न प्रारूपों में छह मैचों के दौरान तीन अर्धशतक लगाए हैं। ख्वाजा ने क्लेटन की प्रतिभा का समर्थन करते हुए कहा कि वह एक युवा खिलाड़ी हैं, जिनके प्रदर्शन पर उतनी चर्चा नहीं होती, जितनी होनी चाहिए। शेफील्ड शील्ड के प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए: ख्वाजा ख्वाजा ने घरेलू क्रिकेट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शेफील्ड शील्ड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय टीम में अवसर मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर लाबुशेन के घरेलू क्रिकेट के आंकड़े उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का मौका दिला सकते हैं, तो इसी तरह का प्रदर्शन करने वाले दूसरे खिलाड़ियों पर भी विचार किया जाना चाहिए। लाबुशेन का खराब फॉर्म और लगातार शतक नहीं लगा पाना चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि, टेस्ट टीम में उनकी जगह पर अंतिम फैसला चयनकर्ता ही करेंगे। फिलहाल, ख्वाजा के बयान ने ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट के कई अनुभवी और उभरते बल्लेबाजों के लिए टेस्ट टीम में वापसी या पदार्पण की चर्चा को तेज कर दिया है।