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अगरकर और बीसीसीआई के बीच कब शुरू हुई अनबन: 2023 में बुमराह को लेकर बोर्ड से क्यों भिड़ गए थे? हुआ बड़ा खुलासा
Mon, 21 Sep 2026 12:50 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:50 PM IST
अजीत अगरकर का बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता के तौर पर कार्यकाल खत्म होने के करीब है। पश्चिम बंगाल से छपने वाली अखबार 'द टेलीग्राफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड और अगरकर के बीच मतभेद उनकी नियुक्ति के कुछ ही समय बाद शुरू हो गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयरलैंड दौरे पर जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाने के फैसले से अगरकर सहमत नहीं थे।
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अगरकर
- फोटो : ANI
विस्तार
अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के तौर पर कार्यकाल कई बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा। हालांकि, इसी दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के अंतरराष्ट्रीय करियर में भी बड़े बदलाव हुए। अब अगरकर के कार्यकाल और बीसीसीआई के साथ उनके रिश्तों को लेकर पश्चिम बंगाल से छपने वाली अखबार 'द टेलीग्राफ इंडिया' की एक रिपोर्ट में कई दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर और बोर्ड के बीच मतभेद उनकी नियुक्ति के कुछ ही समय बाद शुरू हो गए थे। अगरकर जुलाई 2023 में मुख्य चयनकर्ता बने थे और कथित तौर पर उनकी दूसरी ही बैठक में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी को लेकर असहमति सामने आ गई थी।
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ऋतुराज गायकवाड़
- फोटो : ANI
बुमराह की जगह अगरकर चाहते थे ऋतुराज को कप्तान
मामला 2023 के आयरलैंड दौरे का था। बुमराह करीब एक साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे थे। यह वापसी भारत के घरेलू मैदान पर होने वाले वनडे विश्व कप से पहले उनकी तैयारी का हिस्सा भी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर चाहते थे कि बुमराह पर कप्तानी का अतिरिक्त दबाव न डाला जाए। उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम की कमान देने की बात थी। ऋतुराज उस साल एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम के कप्तान बनाए गए थे।
हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया गया कि बीसीसीआई ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और बुमराह के पक्ष में फैसला गया। बोर्ड का मानना था कि बुमराह कप्तानी करने के इच्छुक हैं और उन्हें यह मौका दिया जाना चाहिए। आखिरकार आयरलैंड दौरे पर बुमराह ने ही भारतीय टीम की कप्तानी की।
मामला 2023 के आयरलैंड दौरे का था। बुमराह करीब एक साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे थे। यह वापसी भारत के घरेलू मैदान पर होने वाले वनडे विश्व कप से पहले उनकी तैयारी का हिस्सा भी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर चाहते थे कि बुमराह पर कप्तानी का अतिरिक्त दबाव न डाला जाए। उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम की कमान देने की बात थी। ऋतुराज उस साल एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम के कप्तान बनाए गए थे।
हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया गया कि बीसीसीआई ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और बुमराह के पक्ष में फैसला गया। बोर्ड का मानना था कि बुमराह कप्तानी करने के इच्छुक हैं और उन्हें यह मौका दिया जाना चाहिए। आखिरकार आयरलैंड दौरे पर बुमराह ने ही भारतीय टीम की कप्तानी की।
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : BCCI
इसके बाद भी कई मौकों पर टकराव की बात
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बुमराह की कप्तानी वाला मामला आखिरी नहीं था। अगले कुछ वर्षों में चयन से जुड़े कई मामलों पर अगरकर और बोर्ड के बीच मतभेद रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर चयन मामलों में बाहरी दखल को लेकर अपनी राय पर कायम रहते थे। बीसीसीआई और अगरकर के बीच तनाव की एक बड़ी वजह बाद में रोहित शर्मा का भविष्य भी बना।
रोहित के 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में शामिल होने को लेकर चयन समिति और बोर्ड के बीच मतभेद की बात सामने आई। जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित को लेकर ऐसा संदेश दिए जाने की खबरें आईं कि वह 2027 विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं। बाद में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सार्वजनिक रूप से रोहित के टीम में बने रहने का समर्थन किया।
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बुमराह की कप्तानी वाला मामला आखिरी नहीं था। अगले कुछ वर्षों में चयन से जुड़े कई मामलों पर अगरकर और बोर्ड के बीच मतभेद रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर चयन मामलों में बाहरी दखल को लेकर अपनी राय पर कायम रहते थे। बीसीसीआई और अगरकर के बीच तनाव की एक बड़ी वजह बाद में रोहित शर्मा का भविष्य भी बना।
रोहित के 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में शामिल होने को लेकर चयन समिति और बोर्ड के बीच मतभेद की बात सामने आई। जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित को लेकर ऐसा संदेश दिए जाने की खबरें आईं कि वह 2027 विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं। बाद में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सार्वजनिक रूप से रोहित के टीम में बने रहने का समर्थन किया।
वीवीएस लक्ष्मण
- फोटो : ANI
वीवीएस लक्ष्मण से भी मतभेद का दावा
रिपोर्ट में अगरकर और बीसीसीआई के बीच खींचतान के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ उनके मतभेद का भी जिक्र है। द टेलीग्राफ के मुताबिक, चयन बैठकों में लक्ष्मण के नेतृत्व वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज को लेकर अगरकर ने सवाल उठाए थे। खिलाड़ियों की चोट और उनके रिहैबिलिटेशन से जुड़े मुद्दे भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा का विषय रहे।
सितंबर की शुरुआत में बीसीसीआई की एक अहम समीक्षा बैठक में अगरकर शामिल नहीं हुए थे। बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर, वीवीएस लक्ष्मण, टेस्ट-वनडे कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर मौजूद थे। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उस समय अगरकर की गैरमौजूदगी पर कहा था, 'अजीत शहर में नहीं थे और वह ऐसी जगह पर थे, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं थी, इसलिए तमाम कोशिशों के बावजूद वह ऑनलाइन भी बैठक में शामिल नहीं हो सके।'
रिपोर्ट में अगरकर और बीसीसीआई के बीच खींचतान के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ उनके मतभेद का भी जिक्र है। द टेलीग्राफ के मुताबिक, चयन बैठकों में लक्ष्मण के नेतृत्व वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज को लेकर अगरकर ने सवाल उठाए थे। खिलाड़ियों की चोट और उनके रिहैबिलिटेशन से जुड़े मुद्दे भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा का विषय रहे।
सितंबर की शुरुआत में बीसीसीआई की एक अहम समीक्षा बैठक में अगरकर शामिल नहीं हुए थे। बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर, वीवीएस लक्ष्मण, टेस्ट-वनडे कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर मौजूद थे। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उस समय अगरकर की गैरमौजूदगी पर कहा था, 'अजीत शहर में नहीं थे और वह ऐसी जगह पर थे, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं थी, इसलिए तमाम कोशिशों के बावजूद वह ऑनलाइन भी बैठक में शामिल नहीं हो सके।'
अगरकर की आखिरी चयन बैठक
- फोटो : ANI
अगरकर के कार्यकाल में मिलीं बड़ी सफलताएं
अगरकर के कार्यकाल को सिर्फ विवादों के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। उनके चयन पैनल के दौरान भारत ने तीन आईसीसी खिताब जीते। इनमें 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप तथा 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। इसके अलावा भारत 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा था। यानी अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति के चुने स्क्वॉड ने पिछले तीन वर्षों में चार आईसीसी सफेद गेंद टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई और तीन खिताब जीते।
अगरकर के कार्यकाल को सिर्फ विवादों के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। उनके चयन पैनल के दौरान भारत ने तीन आईसीसी खिताब जीते। इनमें 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप तथा 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। इसके अलावा भारत 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा था। यानी अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति के चुने स्क्वॉड ने पिछले तीन वर्षों में चार आईसीसी सफेद गेंद टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई और तीन खिताब जीते।
गंभीर-अगरकर
- फोटो : PTI
फिर क्यों खत्म हो रहा है अगरकर का कार्यकाल?
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने को लेकर बीसीसीआई में अनिश्चितता बनी रही। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि बोर्ड उनके बने रहने को लेकर उत्सुक नहीं था, जबकि अगरकर की तरफ से भी आगे जारी रखने को लेकर रुचि कम हो गई थी। मुंबई में हुई समीक्षा बैठक से उनकी गैरमौजूदगी को भी उनके भविष्य को लेकर एक अहम संकेत माना गया। बाद की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगरकर ने अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला कर लिया था।
इस पूरे घटनाक्रम में रोहित शर्मा का मामला, वीवीएस लक्ष्मण के साथ कथित मतभेद और चयन मामलों में बोर्ड के हस्तक्षेप की रिपोर्टें प्रमुख कारणों के तौर पर सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों पर बीसीसीआई की ओर से अगरकर और बोर्ड के बीच पूरे विवाद का कोई विस्तृत आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। अगरकर का कार्यकाल अब खत्म होने की ओर है, लेकिन उनके कार्यकाल में भारत की तीन आईसीसी ट्रॉफियां और चार फाइनल में पहुंचना भारतीय क्रिकेट के हालिया दौर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेगा।
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने को लेकर बीसीसीआई में अनिश्चितता बनी रही। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि बोर्ड उनके बने रहने को लेकर उत्सुक नहीं था, जबकि अगरकर की तरफ से भी आगे जारी रखने को लेकर रुचि कम हो गई थी। मुंबई में हुई समीक्षा बैठक से उनकी गैरमौजूदगी को भी उनके भविष्य को लेकर एक अहम संकेत माना गया। बाद की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगरकर ने अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला कर लिया था।
इस पूरे घटनाक्रम में रोहित शर्मा का मामला, वीवीएस लक्ष्मण के साथ कथित मतभेद और चयन मामलों में बोर्ड के हस्तक्षेप की रिपोर्टें प्रमुख कारणों के तौर पर सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों पर बीसीसीआई की ओर से अगरकर और बोर्ड के बीच पूरे विवाद का कोई विस्तृत आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। अगरकर का कार्यकाल अब खत्म होने की ओर है, लेकिन उनके कार्यकाल में भारत की तीन आईसीसी ट्रॉफियां और चार फाइनल में पहुंचना भारतीय क्रिकेट के हालिया दौर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहेगा।