{"_id":"6a3acb10195ba65a450f69df","slug":"workshop-on-strengthening-cyber-security-frameworks-for-cg-state-data-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: डेटा सुरक्षा को मिलेगी और मजबूती; साइबर सुरक्षा कार्यशाला में देशभर के एक्सपर्ट ने दिये ये मंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: डेटा सुरक्षा को मिलेगी और मजबूती; साइबर सुरक्षा कार्यशाला में देशभर के एक्सपर्ट ने दिये ये मंत्र
Tue, 23 Jun 2026 11:36 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:36 PM IST
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस के तेजी से बढ़ते दायरे और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिये रायपुर में पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
साइबर सुरक्षा कार्यशाला में देशभर के एक्सपर्ट ने दिये मंत्र
- फोटो : Amar ujala digital
विस्तार
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस के तेजी से बढ़ते दायरे और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिये रायपुर में पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और चिप्स की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों, बोर्डों एवं निगमों के 120 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और राष्ट्रीय स्तर के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट शामिल हुए।
विज्ञापन
इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनन्द ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस की सफलता नागरिकों के विश्वास पर आधारित है और यह विश्वास तभी मजबूत होगा जब शासकीय डिजिटल प्रणालियां सुरक्षित, विश्वसनीय और साइबर खतरों का सामना करने में सक्षम हों। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह सुशासन, सेवा निरंतरता और जनविश्वास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक विषय बन चुका है। राज्य शासन का लक्ष्य केवल डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और लचीला बनाना भी है।
विज्ञापन
राज्य के लिए बन रहा साइबर सुरक्षा रोडमैप
चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि राज्य शासन साइबर सुरक्षा को डिजिटल शासन की आधारशिला मानते हुए राज्य की डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए व्यापक और भविष्य उन्मुख रोडमैप तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छह प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें जोखिम आधारित सुरक्षा मूल्यांकन, राज्य डेटा सेंटर एवं नेटवर्क सुरक्षा, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर, डेटा गवर्नेंस तथा साइबर जागरूकता एवं क्षमता निर्माण शामिल हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने बताए राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा मानक
तकनीकी सत्रों में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर विस्तृत जानकारी साझा की। पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) डॉ. ध्रुव गुप्ता ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून वर्ष 2027 से पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा।
सर्वोत्तम साइबर सुरक्षा प्रथाओं पर फोकस
गृह मंत्रालय के पूर्व संयुक्त सचिव एवं NATGRID के सलाहकार डॉ. सौरभ गुप्ता ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम साइबर सुरक्षा प्रथाओं पर प्रकाश डाला। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के पूर्व वैज्ञानिक-जी एवं डिप्टी डायरेक्टर जनरल सुरेश चंद्रा ने सरकारी डेटा सुरक्षा के लिए मानकीकरण, प्रमाणन और ट्रस्टेड आईटी सिस्टम के महत्व पर प्रकाश डाला।