फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Muchukunda temple become Chhattisgarh new tourism hub

छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन केंद्र बनेगा मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली: यहीं पर हुआ था सुर-असुर संग्राम, पढ़ें

Thu, 20 Aug 2026 08:43 AM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी Published by: Lalit Kumar Singh Updated Thu, 20 Aug 2026 08:43 AM IST
सार
Register For Event

Muchukunda temple Dhamtari: छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के नगरी (सिहावा) में मांदागिरी पर्वत पर स्थित मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली अब नया पर्यटन केंद्र बनेगा। प्राकृतिक वादियों के बीच बसा यह मंदिर ट्रेकिंग के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बनाते जा रहा है। मेचका गांव के पास मेखलाकार पहाड़ी पर स्थित पौराणिक मुचुकुंद ऋषि की यह पावन तपोस्थली श्रद्धालुओं की आस्था के साथ ही पर्यटकों को बेहद आकर्षित कर रही है।
 

विज्ञापन
Muchukunda temple become Chhattisgarh new tourism hub
मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

Muchukunda temple Dhamtari: छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के नगरी (सिहावा) में मांदागिरी पर्वत पर स्थित मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली अब नया पर्यटन केंद्र बनेगा। प्राकृतिक वादियों के बीच बसा यह मंदिर ट्रेकिंग के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बनाते जा रहा है। मेचका गांव के पास मेखलाकार पहाड़ी पर स्थित पौराणिक मुचुकुंद ऋषि की यह पावन तपोस्थली श्रद्धालुओं की आस्था के साथ ही पर्यटकों को बेहद आकर्षित कर रही है।
विज्ञापन


प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत में मांदागिरी पर्वत का विशेष महत्व है। मेखलाकार पहाड़ी पर मौजूद मुचुकुंद ऋषि की तपोस्थली श्रद्धा, अध्यात्म और प्रकृति के अद्भुत संगम के रूप में जानी जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मुचुकुंद महाराज इक्ष्वाकु वंश के राजा मांधाता के पुत्र थे। सुर-असुर संग्राम के बाद उनकी तपस्या से जुड़ा यह स्थल सिहावा-नगरी अंचल की 'सप्तऋषि तपोभूमि' की आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध करता है। 
विज्ञापन


मांदागिरी पर्वत की क्या है खासियत
मांदागिरी पर्वत पर सुंदर तालाब, प्राचीन प्रतिमाएं और माता सीता सहित देवी-देवताओं के मंदिर विराजमान हैं। इसके अलावा, पहाड़ी की ऊंचाई से सोंढूर जलाशय (डेम) और वनांचल का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, जो ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन जगह है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


धमतरी के कलेक्टर ने बताया कि मांदागिरी की आध्यात्मिक और प्राकृतिक क्षमता को देखते हुए इसके विकास की योजना बनाई जा रही है। इस स्थल के लिए मूलभूत सुविधाएं जैसे पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस किया जा रहा है। धार्मिक आस्था के साथ ही ट्रेकिंग और एडवेंचर स्पॉट्स के रूप में विकसित किया जायेगा। ताकि वनांचल क्षेत्र में पर्यटन से स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ेगी। वहीं रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। नगरी से करीब 27 किलोमीटर दूर बसा यह पर्यटन स्थल आने वाले समय में राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म और पिलग्रिम टूरिज्म मैप पर तेजी से उभरेगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed