फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Balod News ›   63 year old school merged villagers took to the streets to protest in Balod

Balod: 63 साल पुराने स्कूल को किया गया मर्ज, आंदोलन करने सड़क पर उतरे ग्रामीण

Fri, 20 Jun 2025 06:05 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 20 Jun 2025 06:05 PM IST
सार
Register For Event

बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम सनौद में ग्राम बोहारा के ग्रामीण लगभग 63 साल पुराने स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज किए जाने के विरोध में आज से ग्राम बोहरके ग्रामीणों ने सनौद स्कूल के सामने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी है

विज्ञापन
63 year old school merged villagers took to the streets to protest in Balod
धरने पर बैठे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम सनौद में ग्राम बोहारा के ग्रामीण लगभग 63 साल पुराने स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज किए जाने के विरोध में आज से ग्राम बोहरके ग्रामीणों ने सनौद स्कूल के सामने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी है प्रशासन और पुलिस की टीम वहां पर पहुंची हुई है लेकिन बातचीत में अब तक किसी तरह का कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है ग्रामीण महिला पुरुष और बच्चों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं और अपनी मर्जी किये हुऐ विद्यालय को वापस करने की मांग में अड़े हुए हैं।

विज्ञापन


ग्राम सनौद के ग्राम प्रमुख ओमेश्वर साहू ने बताया कि हमारा स्कूल जन भागीदारी के सहयोग से शुरू हुआ था और इस विद्यालय से हमारे पूरे गांव की आत्मा जुड़ी हुई है इसलिए जब हमारे प्राथमिक शाला को मर्ज किया जा रहा है तो हम इसका विरोध करते हैं क्योंकि हम प्राथमिक शाला में अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे गांव भेजें फिर उन्हें वापस प्राथमिक शाला माध्यमिक शाला में पढ़ने के लिए अपने गांव बुलाएं यह उचित नहीं है इसलिए हम यहां पर विरोध कर रहे हैं। 
विज्ञापन


हम गरीबों के बच्चों को पढ़ने का अधिकार नहीं क्या 
ग्रामीण महिला सातों बाई ने कहा कि बड़े-बड़े पैसे वालों के बच्चे तो निजी विद्यालयों में चल देते हैं हम गरीबों के बच्चे गांव में ही पढ़े और हम चाहते हैं कि जो थोड़े बहुत कमाई करते हैं उसे अपने बच्चों को गांव के स्कूल में पढ़ाया लेकिन गांव के प्राथमिक स्कूल को जो हमारा आधार है उसे ही खत्म करने का कोशिश यहां शासन और प्रशासन द्वारा किया जा रहा है जिसको वापस मांगने के लिए हम यहां पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जब तक हमारे स्कूल को वापस नहीं किया जाएगा हम यहां से नहीं हटेंगे वहीं गांव के पटेल मिलन राम साहू ने बताया कि हम लगातार इस स्कूल को सहने में लग रहे और आज जब स्कूल पूरी तरह सज चुका है सांवर चुका है तो उसे दूसरे गांव में दूसरे स्कूल में मर्ज किया जा रहा है जिसे हम विरोध कर रहे हैं मैं बुजुर्ग हूं लेकिन अपनी स्कूल की लड़ाई के लिए आज इस बारिश में बैठा हुआ हूं!

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed