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बिलासपुर: 259 पटवारियों पर प्रशासन सख्त, हड़ताल खत्म कर तुरंत काम पर लौटने का अल्टीमेटम
Sun, 01 Nov 2026 02:29 PM IST
अमन कोशले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 01 Nov 2026 02:29 PM IST
बिलासपुर में हड़ताल पर गए 259 पटवारियों को प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है। आदेश नहीं मानने पर एकपक्षीय कार्रवाई और सेवा लाभों पर असर की चेतावनी दी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिलासपुर जिले में हड़ताल पर गए सभी 259 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने तथा तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।
निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति नहीं देने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पटवारी 13 अक्तूबर से सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अथवा स्वीकृत अवकाश के बिना कर्तव्य से अनुपस्थित हैं। उनकी अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण और समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन और एग्रीस्टैक जैसे कार्य शामिल हैं। आगामी धान खरीदी से संबंधित कृषक अभिलेखों का सत्यापन भी रुका हुआ है।
जरूरी राजस्व कार्य प्रभावित
आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए आवश्यक जांच प्रतिवेदन भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों सहित अन्य जरूरी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। पटवारियों की अनुपस्थिति से किसानों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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फसल क्षति सर्वेक्षण और कार्रवाई
नोटिस में विशेष रूप से चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का उल्लेख किया गया है। इसका त्वरित सर्वेक्षण, नुकसान का आकलन और पात्रतानुसार राहत संबंधी कार्रवाई प्राथमिकता से की जानी है। पटवारियों की अनुपस्थिति से ये अत्यावश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। संबंधित पटवारियों से अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अनुपस्थिति अवधि के वेतन और अन्य सेवा लाभों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस अवधि को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) माने जाने के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति नहीं देने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पटवारी 13 अक्तूबर से सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अथवा स्वीकृत अवकाश के बिना कर्तव्य से अनुपस्थित हैं। उनकी अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण और समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन और एग्रीस्टैक जैसे कार्य शामिल हैं। आगामी धान खरीदी से संबंधित कृषक अभिलेखों का सत्यापन भी रुका हुआ है।
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जरूरी राजस्व कार्य प्रभावित
आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए आवश्यक जांच प्रतिवेदन भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों सहित अन्य जरूरी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। पटवारियों की अनुपस्थिति से किसानों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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फसल क्षति सर्वेक्षण और कार्रवाई
नोटिस में विशेष रूप से चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का उल्लेख किया गया है। इसका त्वरित सर्वेक्षण, नुकसान का आकलन और पात्रतानुसार राहत संबंधी कार्रवाई प्राथमिकता से की जानी है। पटवारियों की अनुपस्थिति से ये अत्यावश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। संबंधित पटवारियों से अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अनुपस्थिति अवधि के वेतन और अन्य सेवा लाभों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस अवधि को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) माने जाने के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।