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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   50 former Maoists have returned home after abandoning arms they will begin a new life in Bastar from Gadchirol

सीजी: हथियारों का रास्ता छोड़ा, अब घर लौटे 50 पूर्व माओवादी; गढ़चिरौली से बस्तर पहुंचकर शुरू करेंगे नई जिंदगी

Thu, 03 Sep 2026 07:48 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 03 Sep 2026 07:48 PM IST
सार
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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली स्थित पुनर्वास केंद्र से 50 पूर्व माओवादियों को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में उनके गृह जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है। पहले चरण में इन लोगों को उनके गांवों में वापस भेजा जा रहा है। 

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50 former Maoists have returned home after abandoning arms they will begin a new life in Bastar from Gadchirol
गढ़चिरौली पुनर्वास केंद्र से बस्तर के गृह जिलों के लिए रवाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली स्थित पुनर्वास केंद्र से 50 पूर्व माओवादियों को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में उनके गृह जिलों के लिए रवाना कर दिया गया है। मुख्यधारा में लौटने की इस प्रक्रिया के तहत पहले चरण में इन लोगों को उनके गांवों में वापस भेजा जा रहा है। विदाई के समय पुनर्वास केंद्र में बेहद भावुक वातावरण देखने को मिला। हथियारों का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे इन लोगों के लिए यह क्षण अत्यंत संवेदनशील रहा।
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गढ़चिरौली में पिछले वर्ष पूर्व माओवादी नेता वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति की अगुवाई में माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इन सभी को पुनर्वास केंद्र में रखा। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से व्यावसायिक व कौशल प्रशिक्षण दिया गया। पुनर्वास केंद्र में ही कई लोगों के रिवर्स नसबंदी ऑपरेशन भी कराए गए। कुछ पूर्व माओवादी जोड़ों ने पुनर्वास केंद्र परिसर में ही विवाह रचाकर अपनी नई गृहस्थी की शुरुआत की।
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पुनर्वास प्रक्रिया के अगले चरण में अब इन पूर्व माओवादियों को उनके मूल गांवों और गृह जिलों में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। पहले चरण मे, 50 पूर्व माओवादियों का जत्था बस्तर के विभिन्न इलाकों के लिए भेजा गया। कभी जंगलों में संघर्ष करने वाले यह लोग अब अपने परिजनों के बीच जाकर सामान्य नागरिक के रूप में जिंदगी जीने की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन इस कदम को पूर्व माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में पूरी तरह जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मान रहा है।
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वहीं, पूर्व माओवादी नेता जिनुगु नरसिम्हा रेड्डी उर्फ जम्पन्ना ने पुनर्वास प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रेस नोट में कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुलिस की निगरानी वाले पुनर्वास केंद्रों में लंबे समय तक रखने के बजाय जल्द से जल्द उनके परिवार व गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए। जम्पन्ना का मानना है कि आत्मसमर्पण के बाद लोगों को सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिलना चाहिए और उन्हें अपने परिवार के बीच जल्द बसने देना चाहिए।
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