पेटीएम-फोनपे यूजर ध्यान दें, केवाईसी नहीं कराई तो अगले महीने से नहीं कर पाएंगे कोई भुगतान
- 31 अगस्त को समाप्त हो रही भुगतान वॉलेट कंपनियों को दी गई आरबीआई की समय सीमा
- 30 से 40 फीसदी ग्राहकों ने अभी तक पूरी नहीं कराई है वॉलेट की केवाईसी, जल्द कराएं
- गूगल-पे, फोनपे, मोबिक्विक, भीम एप, पेजैप, अमेजन-पे और फ्रीचार्ज यूजरों को होगी दिक्कत
विस्तार
पेटीएम, फोनपे जैसे भुगतान वॉलेट का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों ने अगर केवाईसी पूरी नहीं कराई है तो अगले महीने से उनका वॉलेट काम करना बंद कर देगा। रिजर्व बैंक की ओर से भुगतान वॉलेट कंपनियों को दी गई समयसीमा 31 अगस्त को समाप्त हो रही है।
दरअसल, आरबीआई ने केवाईसी कराने की अवधि पहले फरवरी, 2019 तय की थी। बाद मेें कंपनियों की गुहार पर यह अवधि छह महीने के लिए और बढ़ा दी। केवाईसी पूरी करने के लिए उपभोक्ताओं के पास महज 10 दिन का समय बचा है। अनुमान के मुताबिक, अभी तक 30 से 40 फीसदी ग्राहकों ने वॉलेट की केवाईसी पूरी नहीं कराई है। ऐसे में सितंबर से उन्हें इन वॉलेट का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।
बदल गए हैं केवाईसी नियम
आरबीआई ने वॉलेट केवाईसी नियमों में बदलाव किया है। नए मानकों के तहत वॉलेट पर ग्राहक को पैन कार्ड, आधार नंबर जैसे दस्तावेज अपलोड कराने होते हैं और उसके बाद संबंधित कंपनी के एजेंट पते पर जाकर सत्यापित भी करते हैं।
वॉलेट कंपनियों का कहना है कि भौतिक सत्यापन से उनका खर्च कई गुना बढ़ गया है। पेटीएम और अन्य वॉलेट कंपनियों ने आरबीआई से वीडियो केवाईसी कराने का विकल्प देने का अनुरोध भी किया था, लेकिन अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है।
50 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता
देश मेें अभी एक दर्जन से भी ज्यादा भुगतान वॉलेट लोकप्रिय हैं। इनसे जुड़े ग्राहकों की कुल संख्या 50 करोड़ से भी ज्यादा है। अकेले पेटीएम के पास मौजूदा समय में 35 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। इसके अलावा गूगल-पे, फोनपे, मोबिक्विक, योनो एसबीआई, आईसीआईसीआई पॉकेट, एचडीएफसी पेजैप, भीम एप, अमेजन-पे और फ्रीचार्ज का भी करोड़ों उपभोक्ता इस्तेमाल कर रहे हैं।
केवाईसी कराते समय बरतें सावधानी
अगर किसी वजह से यह एप डाउनलोड करते भी हैं तो वेरिफिकेशन कोड किसी से भी शेयर न करें। चाहे वह बैंक या मोबाइल वॉलेट कंपनी का एग्जिक्यूटिव ही क्यों न हो।