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नीरव मोदी, चोकसी की वजह से नहीं हुआ पीएनबी का विलय, घोटाले की वजह से हुई देरी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 18 Sep 2018 03:08 PM IST
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नीरव मोदी, मेहुल चोकसी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक में किए गए अब तक सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के चलते सरकार ने उसे विलय की प्रक्रिया से बाहर रखा है। केंद्र सरकार पीएनबी का कैनरा बैंक में विलय करना चाहती थी।
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14 हजार करोड़ का घोटाला
मेहुल चोकसी और नीरव मोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक में किए गए 14 हजार करोड़ के घोटाले के कारण सरकार को तीन अन्य बैंकों का विलय करने की घोषणा करनी पड़ी। अगर पीएनबी में घोटाला नहीं हुआ होता तो सरकार बैंक ऑफ बड़ौदा के बजाए पीएनबी और कैनरा बैंक में देना व विजया बैंक का विलय कर देती।
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विलय में हुई देरी
सरकार मार्च के बाद ही बैंकों का विलय करना चाहती थी, लेकिन पीएनबी घोटाले के बाद उसे अपनी योजना को कुछ महीनों के लिए लंबित करना पड़ा। बैंक ऑफ बड़ौदा को सरकार ने इसलिए चुना, क्योंकि उसकी साख अच्छी है, ब्रांड देश-विदेश में मौजूद है व टेक्नोलॉजी के मामले में भी अच्छी पकड़ है। बैंक बड़ा होने से और साख बेहतर होने से नए बैंक को बनाने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी
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देश में यह हैं पांच बड़े बैंक
देश में जो पांच बड़े बैंक हैं, उनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन बैंकों में एसबीआई में फिलहाल सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है।