China: चीन के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में लगातार छठे महीने गिरावट, व्यापार तनाव और सुस्त मांग से दबाव
चीन की फैक्ट्री गतिविधि सितंबर में लगातार छठे महीने घटी, जो 2019 के बाद से सबसे लंबी मंदी है। अमेरिका व्यापार तनाव को लेकर चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। चीन पर अमेरिका की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ वृद्धि पर रोक को नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।
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चीन की फैक्ट्री गतिविधि लगातार छठे महीने सितंबर में भी सिकुड़ गई है। यह 2019 के बाद सबसे लंबी गिरावट है। मंगलवार को जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अगस्त के 49.4 से बढ़कर सितंबर में 49.8 पर पहुंचा। हालांकि इसमें हल्की सुधार दिखी, लेकिन यह अब भी 50 के उस स्तर से नीचे है, जो गतिविधियों में विस्तार और संकुचन के बीच की रेखा मानी जाती है।
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सितंबर का समग्र पीएमआई अगस्त में बढ़ा
क्रेडिट रिसर्च और रेटिंग स्टार्टअप रेटिंगडॉग की ओर से निजी क्षेत्र के पीएमआई सर्वेक्षण में अधिक उत्साहजनक बात यह रही कि सितंबर का समग्र पीएमआई अगस्त के 50.5 से बढ़कर 51.2 हो गया। मिश्रित मैन्युफैक्चरिंग आंकड़े सुस्त घरेलू मांग और अमेरिका के साथ व्यापार तनाव पर अनिश्चितताओं को दर्शाते हैं। नए ऑर्डरों और उत्पादन को मापने वाले अधिक विस्तृत आंकड़ों में माह-दर-माह सुधार देखा गया।
सितंबर का पीएमआई मजबूती का संकेत नहीं देता
एसपीआई एसेट मैनेजमेंट के स्टीफन इनेस ने एक टिप्पणी में कहा कि चीन से सितंबर में आए पीएमआई के आंकड़े किसी मजबूत विकास इंजन जैसे नहीं दिखते, बल्कि ऐसे लगते हैं जैसे कोई गाड़ी एक सिलेंडर पर चल रही हो और दूसरा सिलेंडर फेल हो रहा हो। उन्होंने कहा कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियां दाम घटाने के दबाव में हैं।
इनेस ने कहा कि कारखाने अधिक माल की ढुलाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कम मार्जिन पर ऐसा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जैसे सड़क पर विक्रेता भीड़ को बनाए रखने के लिए नूडल्स के अधिक कटोरे आधी कीमत पर बेच रहे हैं।
ट्रंप की नीतियों के कारण दबाव आया
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के मुख्य सांख्यिकीविद हुआओ लिहुई ने कहा कि ताजा आंकड़े बताते हैं कि चीन की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है और उत्पादन में मामूली तेजी देखी जा रही है। चीन के आधिकारिक विनिर्माण पीएमआई में पहली बार अप्रैल में संकुचन आया, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के पदभार ग्रहण करने के बाद व्यापार तनाव बढ़ गया था।
अमेरिका-चीन के संबंधों में सुधार की उम्मीद
एक-दूसरे के निर्यात पर अत्यधिक टैरिफ लगाने की धमकी देने के बाद दोनों पक्ष अभी भी धीरे-धीरे एक व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। चीन पर अमेरिका की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ वृद्धि पर रोक को नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। वहीं 19 सितंबर को ट्रम्प और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच हुई फोन कॉल से संबंधों में सुधार की उम्मीद की किरणें दिखाई दी हैं।
अक्तूबर के अंत में दोनों नेताओं की मुलाकात तय
संभावित युद्धविराम इस बात पर टिका है कि अमेरिका की बहुप्रतीक्षित प्रस्तावित योजना के तहत टिकटॉक की मालिकाना हकदारी उसकी चीनी पैरेंट कंपनी बाइटडांस से किसी अमेरिकी कंपनी को सौंपी जाए। इसके लिए बीजिंग की मंजूरी भी जरूरी होगी। इसी बीच, अक्तूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आमने-सामने मुलाकात तय है।
चीन का केंद्रीय बैंक कर सकता है ब्याज दरों में कटौती
चीन की अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में बनी हुई है। यह संपत्ति क्षेत्र में लम्बे समय से जारी मंदी, बढ़ती बेरोजगारी और कमजोर घरेलू खर्च के कारण प्रभावित है। कुछ अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि साल के अंत तक चीन के केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में कटौती से ज्यादा खर्च और निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। इस महीने, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल पहली बार ब्याज दरों में कटौती के बाद, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपनी प्रमुख उधार दरों को अपरिवर्तित रखा।