फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   nalanda medical college ragging case 146 students suspended hostel vacate order

नालंदा मेडिकल कॉलेज: रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, 146 छात्र निलंबित, छात्रावास खाली करने के निर्देश

Wed, 28 Oct 2026 07:02 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 28 Oct 2026 07:02 AM IST
सार
Register For Event

पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोपों पर प्रशासन ने वर्ष 2025 बैच के 146 विद्यार्थियों को तीन महीने के लिए निलंबित कर छात्रावास खाली करने का निर्देश दिया है। 2023 और 2024 बैच की छात्राओं पर भी कार्रवाई हुई। मामले के साक्ष्य साइबर सेल को जांच के लिए सौंपे गए हैं।

विज्ञापन
nalanda medical college ragging case 146 students suspended hostel vacate order
नालंदा मेडिकल कॉलेज पटना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नालंदा मेडिकल कॉलेज में नए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के साथ रैगिंग के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संस्थान की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. उषा कुमारी ने वर्ष 2025 बैच के सभी 146 विद्यार्थियों को तीन महीने के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया है। इन आरोपित विद्यार्थियों की कक्षाएं जनवरी 2027 तक निलंबित रहेंगी। कॉलेज प्रशासन ने इन सभी छात्रों को 24 घंटे के भीतर छात्रावास खाली करके परिसर छोड़ने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

विज्ञापन


नालंदा मेडिकल कॉलेज में हाल ही में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ाकर 200 की गई थीं। बढ़ी हुई सीटों पर वर्ष 2026 में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं के साथ वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों ने विभिन्न तरीकों से रैगिंग की घटना को अंजाम दिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- बिहार: शराबबंदी खत्म होने का इंतजार ही रह गया; अब नशामुक्त अभियान, सीएम सम्राट ने शपथ दिलाई
विज्ञापन
विज्ञापन


वरिष्ठ छात्राओं पर भी गिरी गाज
कॉलेज प्रशासन ने आधी रात को छात्रावास की छत पर नवनामांकित छात्राओं को ले जाकर रैगिंग करने के आरोप में वर्ष 2023 और वर्ष 2024 बैच की सभी छात्राओं पर भी कठोर कदम उठाया है। इन वरिष्ठ छात्राओं को अगले आदेश तक के लिए कक्षाओं से निलंबित करते हुए तत्काल प्रभाव से छात्रावास खाली करने का आदेश दिया गया है। इन छात्राओं पर नए सत्र की छात्राओं को रोककर उनका नाम और पता पूछने तथा आधी रात में छत पर ले जाकर परेशान करने के गंभीर आरोप लगे हैं।


राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची शिकायत
कनिष्ठ विद्यार्थियों के साथ हुई इस प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने साक्ष्यों के साथ इसकी शिकायत राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, ऑल इंडिया एंटी रैगिंग कमेटी और बिहार ग्रीवांस सेल में दर्ज कराई थी। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय निकायों ने प्राचार्य से जवाब तलब किया था। जांच के दौरान पता चला कि वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों ने प्राचार्य और तीन विभागों के शिक्षकों की तस्वीरें लगाकर एक दस्तावेज तैयार किया था। इस दस्तावेज में कई उटपटांग बातों का उल्लेख करते हुए इसे कॉलेज का नियम बताया गया और कनिष्ठ छात्रों को इसे अनिवार्य रूप से मानने के लिए कहा गया। यह आपत्तिजनक दस्तावेज पीडीएफ बनाकर नए विद्यार्थियों के मोबाइल फोन पर भेजा गया था, जिसमें 146 विद्यार्थियों के नाम भी दर्ज थे।

साइबर सेल को सौंपी गई जांच
पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. उषा कुमारी ने रैगिंग से संबंधित सभी साक्ष्य पुलिस की साइबर सेल को जांच के लिए भेज दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने बिहार सरकार को पत्र लिखकर इस बात की गहन जांच कराने की मांग की है कि यह आपत्तिजनक पीडीएफ दस्तावेज किसने तैयार किया था और इसे किस-किसने पोस्ट किया है। साइबर सेल अब पूरे मामले की तकनीकी जांच करके दोषियों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने में जुटी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed