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Bihar News: रामनरेश राय हत्याकांड का खुलासा, 5 लाख में रची गई थी हत्या की साजिश, दो शूटर गिरफ्तार

Fri, 21 Aug 2026 09:19 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Fri, 21 Aug 2026 09:19 AM IST
सार
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वैशाली के दिग्घी में ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश को गिरफ्तार किया है। एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रची गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।

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Bihar contractor ram naresh rai murder case 5 lakh supari hajipur vaishali News hajipur news
वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा जानकारी देते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी में ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की पूरी साजिश मुजफ्फरपुर में रची गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। शूटर को एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी घटना के दो दिन बाद सदर थाना क्षेत्र के चंद्रालय मठ के पास नदी के पानी से बरामद कर ली थी। इस मामले में पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर की गई थी हत्या

एसपी शुभांक मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 13 अगस्त की सुबह रामनरेश राय मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान कुमाही पोखर की ओर जाने वाले रास्ते में दो मोटरसाइकिल पर सवार चार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। दिग्घी खुर्द निवासी रामनरेश राय, रामबाबू राय के पुत्र थे। गोली लगने के बाद उनकी मौत हो गई थी।

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इस हत्याकांड को लेकर मृतक की पत्नी रेखा कुमारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें सहदेव राय, मुकेश राय और परमजीत राय उर्फ परम राय समेत अन्य आरोपियों को नामजद किया गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी सहदेव राय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

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SIT ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर दबोचा

हत्याकांड के खुलासे के लिए सदर हाजीपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। टीम लगातार तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में 19 अगस्त को पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र से दो संदिग्ध अपराधियों को अवैध आग्नेयास्त्र के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश बताया। रमेश कुमार वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के भैरोपुर गांव का रहने वाला है, जबकि आदित्य प्रकाश सदर थाना क्षेत्र के बलवा कुआरी गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ के दौरान हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

पांच लाख में तय हुई थी हत्या की सुपारी

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार रमेश कुमार ने कथित तौर पर बताया कि मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी छोटू राणा से इस घटना को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें एक लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार बदमाशों की जिम्मेदारी दो अन्य अपराधियों को मोटरसाइकिल से घटनास्थल तक ले जाने की थी। रमेश कुमार ने बताया कि छोटू राणा के आदमी ने अपराधियों को हथियार और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई थी। हत्या की योजना मुजफ्फरपुर में बनाई गई थी। पूछताछ के दौरान बदमाशों द्वारा बार-बार ‘मुकेश भैया’ का नाम लिए जाने की बात भी पुलिस ने कही है। पुलिस को मुकेश कुमार और छोटू राणा के बीच बातचीत से जुड़ा साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। पुलिस इस कड़ी की भी जांच कर रही है।

आदित्य चला रहा था अपाचे, रमेश के पास थी स्प्लेंडर

पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान आदित्य प्रकाश अपाचे मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि रमेश कुमार स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चला रहा था। स्प्लेंडर का इस्तेमाल अन्य आरोपियों को घटनास्थल तक पहुंचाने में किया गया था। घटना के दो दिन बाद ही पुलिस टीम ने वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को सदर थाना क्षेत्र के चंद्रालय मठ के पास नदी के पानी में डूबा हुआ बरामद कर लिया था। पुलिस का कहना है कि वाहन को पानी में छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी।

रमेश का पहले से आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार रमेश कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। वह लूट और हत्या के मामलों में जेल जा चुका है। इसके अलावा झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र में दर्ज लूट के एक मामले में भी वह फरार चल रहा था।
रमेश कुमार के खिलाफ बिदुपुर थाना में कांड संख्या 181/20 एनडीपीएस एक्ट, कांड संख्या 172/20 और कांड संख्या 486/18 के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा देवघर के मधुपुर थाना में कांड संख्या 146/25 और आर्म्स एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज बताया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी आदित्य प्रकाश के आपराधिक इतिहास की जानकारी पुलिस जुटा रही है।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

एसपी शुभांक मिश्रा के अनुसार, पुलिस ने इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है। हालांकि, घटना में शामिल अन्य अपराधी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, सुपारी की रकम, हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों और मुजफ्फरपुर से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड से जुड़े बाकी पहलू भी पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगे।

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