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नेशनल हाईवे निर्माण में बड़ा बदलाव: जानें 20 किमी से लंबी हाईवे परियोजनाओं में AI-MC क्यों होगा अनिवार्य?

Mon, 31 Aug 2026 04:25 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 31 Aug 2026 04:25 PM IST
सार
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश में सड़कों की गुणवत्ता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। जानें क्या है AI-MC निर्माण तकनीक।

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NHAI Mandates AI-MC Technology for Highway Projects Over 20 km And Rs 500 Crore
NHAI - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब 20 किलोमीटर से अधिक लंबाई और 500 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में ऑटोमेटेड एंड इंटेलिजेंट मशीन-एडेड कंस्ट्रक्शन (AI-MC) तकनीक का उपयोग अनिवार्य होगा।

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NHAI ने एक  सर्कुलर जारी कर बताया है कि, ठेकेदारों को सड़क निर्माण की शुरुआत से लेकर पूरी परियोजना क्षेत्र में लगातार AI-MC सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। इस कदम का उद्देश्य निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी उन चिंताओं को दूर करना है, जो सरकार के लिए एक बड़ा मुद्दा बन चुकी हैं।

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सड़क निर्माण के किन चरणों में इस्तेमाल होगी AI-MC तकनीक?

AI-MC तकनीक का इस्तेमाल हाईवे निर्माण की हर प्रमुख परत में किया जाएगा। इसमें शामिल हैं-

  • एम्बैंकमेंट: सड़क के लिए तैयार की जाने वाली ऊंची मिट्टी की आधार संरचना।

  • सबग्रेड: सड़क की नींव के रूप में इस्तेमाल होने वाली सघन और दबाई गई मिट्टी की परत।

  • ग्रैन्युलर सब-बेस (GSB): सड़क की सतह तैयार करने से पहले सबग्रेड के ऊपर बिछाई जाने वाली क्रश्ड स्टोन, रेत और बजरी की शुरुआती परत।

NHAI का निर्देश है कि AI-MC का इस्तेमाल किसी परियोजना के केवल कुछ हिस्सों तक सीमित न रहे। बल्कि निर्माण कार्य के पूरे क्षेत्र में निरंतर रूप से किया जाए।

NHAI Mandates AI-MC Technology for Highway Projects Over 20 km And Rs 500 Crore
National Highway - फोटो : X/@Nitin_Gadkari

AI-MC तकनीक कैसे काम करती है?

AI-MC एक आधुनिक निर्माण तकनीक है, जिसमें ग्रेडर, पेवर, कॉम्पैक्टर और डोजर जैसी भारी मशीनों पर कंप्यूटर और सेंसर लगाए जाते हैं। इसके जरिए सड़क निर्माण की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के साथ पूरा किया जा सकता है।

इसका उद्देश्य मैनुअल निगरानी पर निर्भरता कम करना और निर्माण की गुणवत्ता, सटीकता, एकरूपता तथा पारदर्शिता को बेहतर बनाना है। साथ ही, सड़क निर्माण के विभिन्न चरणों का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जा सकेगा।


क्या पहले भी किसी हाईवे परियोजना में AI-MC का इस्तेमाल हुआ है?

जानकारी के अनुसार, AI-MC तकनीक का इस्तेमाल पहली बार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान किया गया था। हालांकि, उस परियोजना में इसका उपयोग पूरे मार्ग और निर्माण की सभी परतों में नहीं किया गया था।

अब नए नियमों के तहत बड़ी हाईवे परियोजनाओं में इस तकनीक का उपयोग शुरुआत से अंत तक और पूरे निर्माण क्षेत्र में करना अनिवार्य बनाया गया है।

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रियल-टाइम डेटा से ठेकेदारों की जवाबदेही कैसे बढ़ेगी?

अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत ठेकेदारों को निर्माण से जुड़ा रियल-टाइम डेटा NHAI अधिकारियों के साथ साझा करना होगा। इससे निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा सकेगी और मानकों से समझौता करने की गुंजाइश कम होगी।

एक अधिकारी ने कहा कि रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से ठेकेदार और सब-कॉन्ट्रैक्टर दोनों की जवाबदेही बढ़ेगी। इससे निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता करने या किसी स्तर पर कमी छोड़ने की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।

NHAI Mandates AI-MC Technology for Highway Projects Over 20 km And Rs 500 Crore
National Highway - फोटो : X/@Nitin_Gadkari

क्या निर्माण कंपनियां रियल-टाइम डेटा साझा करने में हिचकिचा रही हैं?

AI-MC क्षेत्र से जुड़े कुछ उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि कई ठेकेदार NHAI और अन्य सड़क निर्माण एजेंसियों के साथ रियल-टाइम डेटा साझा करने में हिचकिचाते हैं। क्योंकि इससे उनकी जवाबदेही बढ़ जाती है।

उद्योग से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार, अगर सरकारी एजेंसियों को निर्माण का डेटा वास्तविक समय में उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो इस तकनीक का प्रभाव सीमित रह सकता है। उनका मानना है कि यदि सरकार सड़क निर्माण व्यवस्था में वास्तविक सुधार चाहती है, तो AI-MC तकनीक का इस्तेमाल सीमित या टुकड़ों में करने के बजाय व्यापक स्तर पर किया जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, NHAI का यह फैसला देश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को अधिक सटीक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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