फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US-Iran Talks: 'गहरा अविश्वास रातों-रात दूर नहीं हो सकता', अमेरिका-ईरान विवाद पर बोले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस

Wed, 15 Apr 2026 08:26 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास है। इसका रातों-रात हल नहीं हो सकता। हालांकि उन्होंने संकेत दिया किया समझौते की संभावना बनी हुई है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए होर्मुज की नाकेबंदी शुरू कर दी है।
Register For Event
विज्ञापन
जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा बयान दिया है। एक कार्यक्रम में वेंस ने स्वीकार किया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच दशकों पुराना गहरा अविश्वास है, जिसे रातों-रात हल नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी वार्ताकार समझौता करना चाहते थे उन्होंने आगे कहा कि उन्हें 'जिस स्थिति में हम अभी हैं, उसके बारे में बहुत अच्छा महसूस हो रहा है।'
विज्ञापन


बता दें कि जेडी वेंस ने हाल ही में पाकिस्तान में हुई उच्च स्तरीय सीधी वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। दशकों बाद दोनों देशों के बीच हुई इस आमने-सामने की बातचीत में 21 घंटे से अधिक समय तक मंथन हुआ। हालांकि यह दौर बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गया, लेकिन वेंस ने संकेत दिया है कि कूटनीति के दरवाजे अभी भी खुले हैं।

परमाणु मुद्दे पर फंसा पेंच
वार्ता के दौरान सबसे बड़ा गतिरोध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर रहा। अमेरिका ने यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल की रोक (मोरेटोरियम) का प्रस्ताव रखा था, जबकि ईरान केवल पांच साल की रोक पर सहमत था। इसके अलावा प्रतिबंधों की अवधि, दीर्घकालिक गारंटियों को लेकर भी दोनों पक्षों में भारी मतभेद था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US-Iran War: नाकेबंदी के बाद अमेरिका ने ईरान को दिया एक और झटका, ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से हिल जाएगी दुनिया

दबाव की रणनीति और नाकाबंदी
पाकिस्तान वार्ता के विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी (ब्लॉकडे) का आदेश दिया है। ट्रंप के इस कदम से क्षेत्रीय तनाव बढ़ने और वैश्विक तेल आपूर्ति में फिर से रुकावट आने की आशंकाएं बढ़ गई हैं, साथ ही दोनों पक्षों के लिए बातचीत की मेज पर लौटने की जरूरत भी और ज्यादा बढ़ गई है। इस सैन्य और आर्थिक दबाव का उद्देश्य वार्ता की मेज पर अमेरिका की पकड़ मजबूत करना है। 
विज्ञापन


युद्ध की पृष्ठभूमि और संघर्ष विराम
यह युद्ध 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने इस्राइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों विस्थापित हुए हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच दो सप्ताह का संघर्ष विराम लागू है, जिसका अब केवल एक सप्ताह शेष बचा है। वेंस का मानना है कि यह समय विश्वास बहाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें