इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से क्या-क्या मिला?
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अमेरिका के न्यू जर्सी में भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री तक पहुंचने का अपराध संघीय अदालत में कबूल कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, हस्ब्रुक हाइट्स निवासी अभिषेक विजयकुमार ने बुधवार को अपना जुर्म स्वीकार किया। मामला मार्च 2024 का है, जब उसने जानबूझकर ऐसी सामग्री तक पहुंच बनाई थी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के दौरान अधिकारियों को 200 से ज्यादा तस्वीरें मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
अभिषेक विजयकुमार पर क्या आरोप था?
अभिषेक विजयकुमार पर आरोप था कि उसने मार्च 2024 में बच्चों से जुड़ी यौन शोषण सामग्री को जानबूझकर देखा और उस तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल की गई। इसी दौरान अधिकारियों को 200 से अधिक तस्वीरें मिलीं। न्याय विभाग के मुताबिक इनमें ऐसी सामग्री भी शामिल थी, जिसमें एक छोटे बच्चे के साथ यौन शोषण दिखाया गया था। मामले में बुधवार को संघीय अदालत में विजयकुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में क्या सामने आया?
जांच अधिकारियों ने विजयकुमार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल की तो 200 से ज्यादा तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों में बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री शामिल थी। जांच में मिली सामग्री के आधार पर उसके खिलाफ संघीय स्तर पर मामला आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में बच्चों के शोषण को रोकना और पीड़ितों की पहचान तथा सुरक्षा सुनिश्चित करना जांच एजेंसियों की प्राथमिकता है।
अब विजयकुमार को कितनी सजा हो सकती है?
अभिषेक विजयकुमार को अधिकतम 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। उसकी सजा पर फैसला 6 जनवरी 2027 को होगा। हालांकि, उसे कितनी सजा मिलेगी, इसका अंतिम फैसला संघीय जिला अदालत के न्यायाधीश करेंगे। अदालत अमेरिकी सजा दिशानिर्देशों और कानून में मौजूद दूसरे प्रावधानों को ध्यान में रखकर सजा तय करेगी। यानी अपराध कबूल करने के बाद भी अंतिम सजा अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।
एफबीआई ने मामले को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के यौन शोषण के मामलों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। न्याय विभाग के आपराधिक प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल ए. टाइसन डुवा ने कहा कि विजयकुमार का अपराध स्वीकार करना बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ जारी लड़ाई में एक और कदम है। एफबीआई के नेवार्क फील्ड ऑफिस की प्रभारी विशेष एजेंट स्टेफनी रॉडी ने कहा कि एजेंसी बच्चों के शोषण और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
मामले की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच एफबीआई का नेवार्क फील्ड ऑफिस कर रहा है। जांच में न्यू जर्सी की बर्गेन काउंटी अभियोजक कार्यालय की साइबर अपराध इकाई भी सहायता कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिली सामग्री और डिजिटल जांच मामले में अहम रही। विजयकुमार के अपराध स्वीकार करने के बाद अब मामले का अगला बड़ा चरण सजा का निर्धारण है, जो जनवरी 2027 में होगा।