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UNSC में भारत की दो टूक: विकासशील देशों को मिले अधिक प्रतिनिधित्व, आतंकवाद पर राजनीति को लेकर क्या कहा?

Thu, 20 Aug 2026 07:52 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

UNSC: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुक्षा परिषद में विकासशील देशों की आवाज मजबूत की। भारत ने विकासशील देशों को सुरक्षा परिषद में अधिक जगह देने की मांग की। साथ ही आतंकियों को राजनीतिक फायदे के लिए राहत देने पर सख्त रुख अपनाया। भारतीय राजदूत योजना पटेल ने क्या-क्या कहा? पढ़िए रिपोर्ट
 
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राजदूत योजना पटेल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई/एक्स
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के काम करने के तरीकों पर खुली चर्चा हुई। इस चर्चा में भारत की राजदूत योजना पटेल ने देश का पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण यानी विकासशील देशों को सुरक्षा परिषद में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की मांग करता है।
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उन्होंने कहा कि अस्थायी सदस्यों को सुरक्षा परिषद में सार्थक योगदान देने का मौका मिलना चाहिए। इसके लिए सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों को दस्तावेजों तक पहुंच के मामले में एक जैसे अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

राजदूत योजना पटेल ने क्या कहा?
योजना पटेल ने कहा कि जो देश सीधे तौर पर किसी मुद्दे से जुड़े हैं, उन्हें सुरक्षा परिषद के फैसले लेने की व्यवस्था में भी शामिल किया जाना चाहिए। खासकर शांति स्थापना से जुड़े सभी बड़े सवालों में उनकी भूमिका होनी चाहिए। इनमें मिशन का काम क्या होगा और उसके लिए कितने संसाधन दिए जाएंगे जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि दस्तावेज संख्या- 507 में उचित बदलाव किया जाना चाहिए। इसमें सुरक्षा परिषद की सहायक संस्थाओं के अध्यक्षों के नाम तय करने के लिए स्पष्ट और अंतिम समय-सीमा होनी चाहिए। यह समय-सीमा ऐसी होनी चाहिए, जिस पर कोई समझौता न हो सके।

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आतंकवाद पर राजनीति को लेकर क्या कहा?
भारत ने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद को छोटे और सीमित राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने का मंच नहीं बनना चाहिए। योजना पटेल ने कहा कि सुरक्षा परिषद में किसी देश की मौजूदगी का इस्तेमाल आतंकवादियों को वैध ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। केवल राजनीतिक कारणों के आधार पर आतंकियों को आतंकवादी सूची से हटाने या दूसरी संस्थाओं को आतंकवादी संगठन घोषित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निष्पक्ष मापदंड और समर्थन करने वाले दस्तावेज होना जरूरी है।
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