माइक वाल्ट्ज, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
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अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की मौत हो गई है। कल तड़के सुबह इस्राइल ने ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। ये हमले ईरान के मिलिट्री बेस, एयरफील्ड और सरकारी स्थानों को निशाना बनाकर किए गए। आज भी ईरान में हमलों का दौर जारी है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका ने बड़ा दावा किया। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ईरानी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे और प्रॉक्सी के माध्यम से मारने की कोशिश की।
‘ईरान इस्राइल को खत्म करना चाहता था’
यूएन सुरक्षा परिषद (UNSC) में माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ईरान 47 वर्षों से लगातार ‘अमेरिका को मौत’ का नारा दे रहा है और इस्राइल को समाप्त करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ हमले करने, UN चार्टर का उल्लंघन करने और मिडिल ईस्ट में शांति के लिए खतरा पैदा करने का आरोप लगाया।
‘ट्रंप की हत्या की कोशिश की गई’
वॉल्ट्ज ने कहा कि ईरान ने ट्रंप को मारने के प्रयास किए और खुद को पीड़ित बताते हुए अपनी कार्रवाइयों को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की गतिविधियां अमेरिका, उसके सैनिकों, बेस, सहयोगियों और दुनिया भर के पार्टनर्स के लिए खतरा हैं।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का बचाव
अमेरिकी-इस्राइल ऑपरेशन को लेकर अमेरिका ने UNSC में कहा कि यह UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत, देश और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैध कदम है। वाल्ट्ज ने यह भी बताया कि ईरानी लोग इन हमलों पर शिकायत नहीं कर रहे, बल्कि जश्न मना रहे हैं, शायद वे अपनी आजादी की उम्मीद जता रहे हैं।