एंटोनियो गुटेरेस, यूएन महासचिव
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ईरान में लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरानी सरकार से सख्त लेकिन संवेदनशील अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार को हालात संभालते समय अधिकतम संयम बरतना चाहिए और जनता के अभिव्यक्ति, संगठन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब बीते 15 दिनों में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 420 लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इनमें आठ मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह जानकारी मानवाधिकार कार्यकर्ता इन ईरान (एचआरए) ने दी है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी रिपोर्ट किया है।
अनावश्यक बल प्रयोग से बचें- गुटेरेस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने बयान में गुटेरेस ने कहा कि वे ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा और अत्यधिक बल प्रयोग की खबरों से स्तब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनावश्यक या असमानुपातिक बल का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि ईरान में सूचना तक पहुंच बहाल की जाए, खासकर संचार सेवाओं को फिर से शुरू किया जाए ताकि लोग सच्चाई तक पहुंच सकें।
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इजरायल का समर्थन, नेतन्याहू का बयान
इस बीच इस्राइल
के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस्राइल ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और ईरानी नागरिकों की बहादुरी को पूरा विश्व देख रहा है।
जानिए कैसे शुरू हुए प्रदर्शन?
गौरतलब है कि ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन जल्द ही ये देशव्यापी आंदोलन में बदल गए। कई शहरों में झड़पें, गिरफ्तारियां और सख्त सरकारी कार्रवाई देखने को मिली। मानवाधिकार संगठनों ने लगातार मौतों की संख्या और प्रदर्शनकारियों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर चिंता जताई है। वहीं, ईरानी सरकार का कहना है कि यह सब विदेशी हस्तक्षेप और दंगाइयों की वजह से हो रहा है।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उनके अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ एक जैसे आरोप होंगे और सख्त सजा दी जाएगी।