टैरिफ विवाद के बीच ट्रंप का चौंकाने वाला प्रस्ताव
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह कनाडा की सीमा से लगे लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने यह बात ऐसे समय कही है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका को ओंटारियो के साथ ज्यादा कारोबार करने की उम्मीद नहीं है। ओंटारियो कनाडा का एक प्रांत है और इसी नाम से प्रसिद्ध झील भी अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित है।
ट्रंप का यह प्रस्ताव उनके पहले के एक फैसले की याद दिलाता है। पिछले साल उन्होंने कार्यकारी आदेश के जरिए मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका करने की पहल की थी। अब लेक ओंटारियो का नाम बदलने की बात भी उसी तरह के कदम के रूप में देखी जा रही है। हालांकि मौजूदा बयान में ट्रंप ने केवल इस पर गंभीरता से विचार करने की बात कही है। उन्होंने यह नहीं बताया कि नाम बदलने की औपचारिक प्रक्रिया कब या कैसे शुरू होगी।
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद क्यों बढ़ा?
ट्रंप प्रशासन ने सप्ताहांत में कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया है। इससे पहले अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन दोनों पक्ष किसी सहमति तक नहीं पहुंच सके। बातचीत टूटने के बाद कनाडा की ओर से जवाबी कदम उठाए जाने की उम्मीद है। ऐसे में ट्रंप का लेक ओंटारियो का नाम बदलने वाला बयान भी इसी तनावपूर्ण माहौल में आया है।
ट्रंप ने नाम बदलने के पीछे क्या तर्क दिया?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है क्योंकि अमेरिका को ओंटारियो के साथ अब ज्यादा कारोबार करने की उम्मीद नहीं है। उनके बयान में व्यापार विवाद को नाम बदलने के प्रस्ताव से सीधे जोड़ा गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस तरह का नाम परिवर्तन किस कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया से होगा और क्या इसका प्रभाव अमेरिका तथा कनाडा दोनों देशों में इस्तेमाल होने वाले आधिकारिक नाम पर पड़ेगा।
लेक ओंटारियो इतना महत्वपूर्ण क्यों?
लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिका की प्रमुख झीलों में से एक है और अमेरिका तथा कनाडा दोनों से जुड़ी हुई है। इसके एक तरफ अमेरिकी क्षेत्र है, जबकि दूसरी तरफ कनाडा का ओंटारियो प्रांत है। ऐसे में इसका नाम दोनों देशों के भौगोलिक और ऐतिहासिक संदर्भ से जुड़ा हुआ है। इसलिए ट्रंप का इसे ‘लेक अमेरिका’ कहने का प्रस्ताव सिर्फ नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि मौजूदा अमेरिका-कनाडा तनाव के बीच आया राजनीतिक संदेश भी माना जा सकता है।
क्या अमेरिका-कनाडा विवाद और बढ़ सकता है?
फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर टकराव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका ने कनाडाई सामान पर भारी शुल्क लगाया है और कनाडा की ओर से जवाबी कार्रवाई की तैयारी है। इसी बीच ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापार संबंधों को लेकर कड़ा रुख दिखाया है। लेक ओंटारियो का नाम बदलने की बात इसी रुख का एक और उदाहरण है। हालांकि यह अभी केवल ट्रंप का प्रस्ताव है और नाम बदलने का कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।